उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, अपने शांत वातारण के लिए पहचाने जाने वाला राज्य उत्तराखंड आजकल बिगड़ती कानून व्यवस्थाओ को लेकर चर्चाओं में है. प्रदेश में लगातार उजागर होती अपराधिक घटनाये देवभूमि कहे जाने वाले राज्य की छवि को ठेस पहुंचाती नज़र आ रही है.राज्य में पहले से चर्चित अंकिता हत्याकांड अभी तक शांत भी नहीं हुआ, वही बीते बुधवार को उत्तराखंड के चंपावत में नाबालिग लड़की से तीन युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया जिसने एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है. जिसके चलते इस ज्वलंत घटना की आग बड़े आंदोलन के रूप में तब्दील हो गई है, और पूरे प्रदेश में जगह जगह आक्रोश देखा गया. घटना के चलते विपक्षी दल भी एक बार फिर भाजपा सरकार को घेरते दिखाई दे रहे थे. और कानून व्यवस्था, महिला उत्पीड़न जैसे मुद्दों को लेकर सवाल खड़े करने का बड़ा मौका विपक्ष को मिल गया था. वही आपको बता दे, उत्तराखंड के चंपावत में 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप के सनसनीखेज मामले ने नया मोड़ ले लिया है. मामले में चंपावत एसपी रेखा यादव ने घटना का खुलासा करते हुए गैंगरेप की घटना से इनकार किया है. साथ ही जांच में शामिल सीएमओ ने भी नाबालिग के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि से इनकार किया है. पुलिस ने पूरे मामले को साजिश के तहत अंजाम देना करार दिया है. साजिश का मास्टरमाइंड कमल रावत को बताया है.चंपावत में चर्चित नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस के मुताबिक वैज्ञानिक और तकनीकी जांच में मामला सुनियोजित साजिश साबित हुआ है. बदले की भावना से नाबालिग को बहला-फुसलाकर पूरा घटनाक्रम रचा गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित कर जांच की गई, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, सीडीआर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कई अहम तथ्य सामने आए.इससे एक दिन पहले पूरे प्रदेश के हर छोटे बड़े दलों ने भाजपा सरकार को घेरने का पूरा प्रयास भी किया लेकिन पुलिस की कार्यवाही में ये साफ हो गया की घटना सोची समझी साजिश का हिंसा थी, जिसको राजनैतिक रूप दिया गया और अब इस मामले पर भाजपा उन सभी विपक्षी दलों पर षड्यंत्र का आरोप लगाती दिखाई दे रही है.
पीड़िता के पिता की तहरीर और पीड़िता के पहले बयान के मुताबिक,चंपावत जिले के एक क्षेत्र में हथियारों के बल पर 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया. पीड़िता के पिता ने चंपावत कोतवाली में तीनों के खिलाफ तहरीर दी है. तहरीर के अनुसार पीड़िता के पिता एक बीमार व्यक्ति हैं, जो 5 मई को अपनी बेटी के साथ इलाज करवाने हेतु चंपावत आए, इलाज के बाद वे वापस गांव लौट आए, लेकिन बेटी अपनी सहेली के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चंपावत में ही रुक गई. जिसके बाद जब देर रात तक भी बेटी घर वापस नहीं लौटी तो बेटी को कॉल किया गया, लेकिन बेटी का फोन नहीं लगा. रात डेढ़ बजे के करीब पीड़िता ने पिता को कॉल किया लेकिन कोई बात नही हो पाई. घबराए पिता ने मामले की जानकारी पुलिस को देते हुए स्थानीय लोगों के साथ बेटी की खोजबीन शुरू की. इस दौरान सुबह 4 बजे नाबालिग बेटी एक गांव के एक कमरे में बंधी हुई मिली. पूछताछ में बेटी ने बताया तीन युवकों द्वारा उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई.अब मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 6 मई 2026 को नाबालिग के पिता ने कोतवाली चंपावत में तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि उसकी 16 साल बेटी के साथ 3 लोगों ने दुष्कर्म किया है. शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चंपावत के निर्देश पर सीओ चंपावत की निगरानी में 10 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया. इसके बाद पीड़िता से फिर से पूछताछ की गई तो पीड़िता ने पुलिस और कोर्ट से समक्ष कबूल किया गया कि दुष्कर्म की घटना को अंजाम नहीं दिया गया. पीड़िता ने कबूल किया कि पूरी साजिश कमल रावत और उसकी महिला मित्र व अन्य लोगों ने रची थी.
चंपावत में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले की खबर पर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने धामी सरकार पर हमला बोला.उत्तराखंड के विपक्षी दलों ने बयान जारी करते हुए कहा कि देवभूमि की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है. राज्य में रक्षक ही भक्षक बनते हुए दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर फेल साबित करार दिया है.कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि पुलिस प्रशासन पीड़िता के बयान को आधार बनाकर मामले को रफा दफा करने का प्रयास कर रहा है, जबकि पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।वही इस पूरे मामले पर भाजपा ने विपक्षी दलों के साथ कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगते हुए हल्ला बोला.और आरोप लगाया की कांग्रेस लगातार राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे मामलों को हवा देने का काम कर रही है और भाजपा नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
चंपावत जिले में नाबालिग लड़़की के साथ हुए गैंगरेप के मामले में अब नया मोड़ आ गया है. पुलिस ने इस मामले में बीजेपी नेता समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. वहीं, अब आरोपियों के परिजन भी मीडिया के सामने आकर बयान दे रहे हैं और इस पूरी घटना को राजनीतिक साजिश बता रहे हैं.कुल मिला कर पुलिस के खुलासे से ये साफ हो गया की इस घटना को राजनैतिक साजिश के तहत अंजाम दिया गया है.लेकिन सवाल यही है की कानून व्यवस्था और सरकारों को दोष देने से पहले सत्यता और साजिश को भी समझना बेहद जरूरी बन जाता है. खास कर उन राजनैतिक दलों पर इसकी जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है जो जनता के बीच सन्देश देने का काम करते है.जिससे प्रदेश का भविष्य और अमन चयन भी बरक़रार रहे.