Knews Desk– महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में जहरीली शराब कांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस जांच में इस हादसे का मास्टरमाइंड कर्नैल सिंह विरका सामने आया है, जिसे अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, जहरीली शराब में बड़ी मात्रा में मेथेनॉल मिलाया गया था, जो मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। पुलिस का कहना है कि इसी जहरीले केमिकल के कारण लोगों की मौत हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अवैध शराब तैयार कर उसे विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया गया था।
पिंपरी-चिंचवाड़ के फुगेवाड़ी और पुणे के हड़पसर इलाके इस हादसे से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। फुगेवाड़ी में एक ही परिवार के दो सगे भाइयों समेत कई लोगों की मौत हो गई। वहीं, अन्य पीड़ितों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। कर्नैल सिंह विरका के अलावा योगेश वानखेड़े, गुरमीत सिंह विरका और राधेश्याम प्रजापति को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 8 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब तैयार करने के लिए मेथेनॉल कहां से लाया गया और इसका नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर फैला हुआ था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध या अवैध शराब का सेवन न करें और ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। मामले की जांच लगातार जारी है।