NEET पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा मामले पर संसद में संग्राम, विपक्ष ने सरकार को घेरा

लोकसभा में विपक्ष का जोरदार हंगामा, स्पीकर के आसन तक पहुंचे सांसद; राज्यसभा में खरगे ने जंतर-मंतर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया

Knews Desk– संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को NEET पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने दोनों मामलों पर चर्चा की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। हंगामा इतना बढ़ गया कि कुछ सांसद स्पीकर के आसन के पास पहुंच गए, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने NEET पेपर लीक और अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मामले को लेकर सरकार से जवाब मांगना शुरू कर दिया। सांसदों ने तख्तियां दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और मामले पर तत्काल चर्चा की मांग की।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में जनता से जुड़े मुद्दों पर नियमों के तहत चर्चा का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने नारेबाजी और तख्तियां लहराने को सदन की परंपरा के अनुरूप नहीं बताया।

छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही सरकार

वहीं, राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है और बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे हैं।

खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज को दबाने और आंदोलन को खत्म करने की कोशिश कर रही है। उनके बयान के बाद राज्यसभा में भी हंगामा शुरू हो गया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

पेपर लीक और चढ़ावा चोरी पर मांगा जवाब

कांग्रेस ने मानसून सत्र से पहले ही संकेत दे दिया था कि वह NEET पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। पार्टी ने पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

13 अगस्त तक चलेगा संसद का मानसून सत्र

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई अहम विधेयक पेश कर सकती है। वहीं, विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सदन में सरकार से जवाब मांगता रहेगा।

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