एएसआई हरजीत सिंह हत्याकांड के आरोपी दीपक को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराए जाने के बाद उसके परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। आरोपी की मां ने दावा किया कि एनकाउंटर से पहले पुलिस लगातार उनके घर की तलाशी ले रही थी।
Knews Desk- अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के मामले में आरोपी दीपक की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद मामला चर्चा में है। पुलिस कार्रवाई के बाद दीपक के परिजनों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी और घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठाए।
दीपक की मां भोली ने आरोप लगाया कि पुलिस पिछले दो-तीन दिनों से लगातार उनके घर पहुंच रही थी और तलाशी ले रही थी। उनका कहना है कि पुलिस की ओर से उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया गया था कि उनके बेटे पर किस तरह की कार्रवाई होने वाली है। मां के मुताबिक, सुबह अचानक उन्हें बेटे के एनकाउंटर में मारे जाने की जानकारी मिली।
वहीं, दीपक के पिता बलविंदर सिंह ने भी बताया कि पुलिस कुछ दिनों से उनके घर आ रही थी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने घर की तलाशी लेने के साथ परिवार से पूछताछ भी की थी। पिता के मुताबिक, एक दिन पहले पुलिस ने उन्हें बताया था कि वे उनके बेटे की तलाश कर रहे हैं।
बलविंदर सिंह ने उस स्कूटी को लेकर भी जानकारी दी, जिसका कथित तौर पर मामले में जिक्र किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूटी उनके पास थी और पुलिस उसे उनके घर से ले गई थी। उनका दावा है कि स्कूटी से जुड़े सभी दस्तावेज भी परिवार के पास मौजूद हैं।
बेटे की जिंदगी के बारे में बात करते हुए पिता ने बताया कि दीपक नशे की लत का शिकार था। उनके मुताबिक, दीपक पिछले साल सितंबर में जेल गया था और करीब सात महीने बाद जमानत पर बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद भी वह नशे की आदत से पूरी तरह बाहर नहीं निकल सका और गलत संगत में पड़ गया।
पिता ने बताया कि बेटे की नशे की आदत और उससे जुड़ी परेशानियों के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति भी खराब हुई। उन्होंने दावा किया कि उनका घर करीब साढ़े तीन लाख रुपये में गिरवी रखा हुआ है।
परिजनों से जब दीपक के पाकिस्तान या किसी अन्य आपराधिक नेटवर्क से संपर्क के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। परिवार का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि दीपक किसी बड़े अपराध में शामिल हो चुका है।
दीपक की एनकाउंटर में मौत के बाद उसके घर में मातम पसरा हुआ है। वहीं, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी से ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।