मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक के बाद सामने आईं कुछ तस्वीरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच हुई सहज बातचीत की तस्वीर ने भी लोगों का ध्यान खींचा है।
Knews Desk- मानसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। बैठक खत्म होने के बाद जब नेता बाहर निकल रहे थे, तभी एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले की मुलाकात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हुई।
इस दौरान सुप्रिया सुले ने आगे बढ़कर राजनाथ सिंह के पैर छुए। दोनों नेताओं ने कुछ देर बातचीत भी की। मौके पर बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी मौजूद थे। इस मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
जेपी नड्डा से बातचीत करते दिखे जयराम रमेश
वहीं, बैठक के बाद एक और तस्वीर चर्चा में रही। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा एक-दूसरे से बातचीत करते हुए नजर आए। बातचीत के दौरान जयराम रमेश ने नड्डा के कंधे पर हाथ रखा।
सियासत में अक्सर एक-दूसरे के खिलाफ बयान देने वाले नेताओं का इस तरह सहज अंदाज में मिलना लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। कई लोग इसे स्वस्थ राजनीतिक संवाद की तस्वीर बता रहे हैं।
सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने जताई नाराजगी
हालांकि, बैठक के दौरान राजनीतिक मतभेद भी देखने को मिले। सूत्रों के मुताबिक, कुछ मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई और कुछ नेताओं के बैठक से बाहर जाने की बात सामने आई। हालांकि, थोड़ी देर बाद सभी दलों के नेता फिर से बैठक में शामिल हो गए।
इस बैठक में मानसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों, सरकार के विधायी एजेंडे और विपक्ष की रणनीति को लेकर चर्चा हुई।
एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर सुले ने लगाया था विराम
सुप्रिया सुले और राजनाथ सिंह की मुलाकात ऐसे समय सामने आई है, जब एनसीपी (शरद पवार गुट) के एनडीए में शामिल होने की अटकलें लगातार चर्चा में थीं।
हालांकि, सुप्रिया सुले ने इन अटकलों को खारिज करते हुए साफ कहा था कि उनकी पार्टी न तो बीजेपी के साथ जाएगी और न ही एनडीए का हिस्सा बनेगी।
मानसून सत्र से पहले सामने आई इन तस्वीरों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राजनीति में हर मुलाकात और हर तस्वीर अपने साथ नई चर्चाओं को जन्म दे देती है।