PDA यानी पीट देगा अहीर, पीट देगा अल्पसंख्यक… ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर सीधा हमला, सपा में बड़ी बगावत का किया दावा

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर जारी अपने ताजा पोस्ट में राजभर ने सपा के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे की परिभाषा बदलते हुए इसे “पीट देगा अहीर, पीट देगा अल्पसंख्यक” करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने सपा के सांसदों में बड़ी बगावत और पार्टी के टूटने का दावा कर यूपी के सियासी पारे को गरमा दिया है।

“बागी बलिया का लाल करेगा बगावत का नेतृत्व”

राजभर ने दावा किया कि सपा के भीतर सांसदों का एक बड़ा गुट टूटने की कगार पर है और इस बगावत का नेतृत्व ‘बागी बलिया’ की धरती से ताल्लुक रखने वाले एक ब्राह्मण सांसद करेंगे। उन्होंने मुरादाबाद की सपा सांसद का हवाला देते हुए पूछा कि वह PDA के कार्यक्रम में क्यों नहीं पहुंचीं? राजभर ने लिखा, “सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर जिस तरह ब्राह्मणों को तिरस्कृत और अपमानित किया गया, उससे बलिया का लाल बहुत आहत है। ब्राह्मण सब कुछ भूल सकता है, लेकिन अपना अपमान नहीं।”

प्रो. रामगोपाल यादव पर गंभीर आरोप: “राजभर और मौर्य को नीचा समझते हैं”

राजभर ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और खुद का जिक्र करते हुए कहा, “घमंडी रामगोपाल यादव ने मेरे और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के लिए जिन अपशब्दों का प्रयोग किया है, उसे पूरे बहुजन समाज ने देखा है। रामगोपाल यादव हमेशा से राजभर और मौर्य को यादवों से नीचा समझता है। उसके घर में हमारे लिए आज भी अलग बर्तन रखा रहता है।” राजभर ने आगे तंज कसते हुए दावा किया कि अब पार्टी टूटेगी और बचे हुए हिस्से के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव (असली चाचा) बनेंगे। वहीं घमंडी चाचा (रामगोपाल) प्रोफेसर से सीधे प्राइमरी के मास्टर बन जाएंगे।

आंकड़ों के सहारे घेरा, दलित उत्पीड़न पर किया बड़ा खुलासा

अखिलेश यादव को ‘ट्विटर, एसी और पीसी (प्रेस कॉन्फ्रेंस) वाला नेता’ बताते हुए राजभर ने नसीहत दी कि वे अब ‘सांसद बचाओ अभियान’ शुरू कर दें। सपा द्वारा दलित उत्पीड़न के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजभर ने बकायदा पुलिस रिपोर्ट के जोनवार आंकड़े जारी किए और दावा किया कि दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार करने वाले सपाई यादव और मुस्लिम ही हैं:

  • गोरखपुर जोन: दर्ज कुल 760 मामलों में 297 यादव और 344 मुस्लिम आरोपी हैं।
  • बनारस जोन: 603 मामलों में 650 यादव और 178 मुस्लिमों पर दलित उत्पीड़न के केस दर्ज हैं।
  • कानपुर जोन: 334 मुकदमों में 166 यादव और 57 मुस्लिम आरोपी हैं।
  • आगरा जोन: 287 मामलों में 85 यादव और 93 मुस्लिमों पर मामले दर्ज हैं।

राजभर ने साफ कहा कि वे दलितों पर सपाई यादवों और मुसलमानों के अत्याचार के इन आंकड़ों को जोनवार और कमिश्नरेटवार लगातार सार्वजनिक करते रहेंगे। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि “सनातन है, था और सनातन के साथ ही जाएगा।”

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