चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष का सवाल, खरगे बोले- लोकतंत्र और वोट के अधिकार की रक्षा जरूरी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर ‘इंडिया’ गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया। खरगे ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।

Knews Desk – मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया। लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान खरगे ने कहा कि वोट देने का अधिकार खतरे में है और विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहा है।

खरगे ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सीधे निर्देशों पर चुनाव आयोग चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सात महीने पहले विपक्ष के 193 सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन उनके नोटिस खारिज कर दिए गए और उन पर ध्यान नहीं दिया गया।

खरगे के मुताबिक, इस प्रस्ताव का उद्देश्य किसी व्यक्ति से व्यक्तिगत दुश्मनी निकालना नहीं, बल्कि एक संवैधानिक संस्था की गरिमा की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान की भावना के अनुरूप निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए, ताकि आम लोगों का उस पर भरोसा बना रहे।

कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के वोट का मुद्दा उठाया

कार्यक्रम के दौरान खरगे ने कमजोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के मतदान अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि दिल्ली में बैठा कोई व्यक्ति कंप्यूटर के जरिए चुपके से किसी का नाम मतदाता सूची से न हटा सके। उनके बयान में मतदाता सूची और मतदान के अधिकारों की सुरक्षा पर विशेष जोर रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन एक बैठक बुलाने और ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे यह प्रस्ताव पेश करेंगे और इसके बाद बयान देंगे।

मीरा कुमार ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए कहा कि एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका समेत दुनिया के कई देश भारतीय लोकतंत्र के मॉडल को देखते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र चुनावों की ताकत से चलता है और इस प्रक्रिया के केंद्र में मतदाता होता है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी एक मतदाता को भी वोट देने के अधिकार से वंचित किया जाता है, तो यह लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा प्रहार है। किसी को मतदान से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाता है।

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