कन्हैया कुमार का पीएम मोदी पर सीधा वार, आरोप लगाते हुए कहा- जो सरकार वोट चोरी करेगी, वो पेपर चुराएगी

डिजिटल डेस्क- कांग्रेस नेता और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के एआईसीसी (AICC) इंचार्ज कन्हैया कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था, लगातार हो रहे पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि ‘पर्ची वाले प्रधानमंत्री’ के राज में आज शिक्षा को एक ‘प्रोडक्ट’ (व्यापारिक वस्तु) बना दिया गया है, जिससे देश के आम आदमी का इस पूरी व्यवस्था से भरोसा टूट चुका है और छात्रों का भविष्य घोर अंधकार में चला गया है।

‘वोट चोरी करने वाली सरकार ही पेपर चुराती है’

कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयान पर तंज कसते हुए कहा, “नरेंद्र मोदी ने जुमला दिया था कि हम हार्वर्ड वाले नहीं, बल्कि हार्डवर्क वाले हैं। अब देश देख रहा है कि इनका यही हार्डवर्क है कि हर परीक्षा का पेपर लीक हो जा रहा है। बात बिल्कुल साफ है- जो सरकार ‘वोट चोरी’ करेगी, वो पेपर चुराएगी।” उन्होंने आगे कहा कि जिस सरकार में बैठे शीर्ष लोगों को ‘Education’ का ‘E’ तक नहीं पता, वे मूल समस्या को हल करने के बजाय टेलीग्राम बैन करने जैसी चीजों का नया शिगूफा छोड़ देते हैं।

ओडिशा के सिलेबस में वैज्ञानिक को बताया ‘पायलट’, एनटीए को बैन करने की मांग

देश की शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही का उदाहरण देते हुए कन्हैया कुमार ने बताया कि ओडिशा के पाठ्यक्रम (सिलेबस) में एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक को ‘पायलट’ लिख दिया गया है, वहीं राजस्थान में एक परीक्षा के दौरान छात्रों को प्रश्न पत्र की जगह सीधे आंसर शीट (उत्तर पुस्तिका) थमा दी गई। उन्होंने कहा कि आज NEET से लेकर देश की सबसे प्रतिष्ठित UPSC जैसी परीक्षाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। कन्हैया कुमार ने मांग की कि पेपर लीक जैसी धांधली को रोकने के लिए सरकार को टेलीग्राम जैसे ऐप्स को निशाना बनाने के बजाय राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तुरंत पूरी तरह से प्रतिबंधित (Ban) करना चाहिए।

‘परीक्षा पर चर्चा’ करने वाले पीएम पेपर लीक पर मौन

प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि जो पीएम हर साल बड़े-बड़े मंच सजाकर छात्रों के साथ ‘परीक्षा पर चर्चा’ का ढोंग करते हैं, वे देश के लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले ‘पेपर लीक’ जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं बोलते। उन्होंने पूछा कि जब देश में करोड़ों शिक्षित युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, तो लोगों को अशिक्षित रखकर सरकार देश को ‘विकसित भारत’ कैसे बनाएगी?

जिम्मेदारी लेने के बजाय राहुल गांधी से सवाल पूछ रही बीजेपी

विपक्ष के रुख को स्पष्ट करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस शिक्षा के मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं करना चाहती। आज देश का हर माता-पिता डरा हुआ है और परीक्षा व्यवस्था के नाकारापन के कारण छात्र भयंकर डिप्रेशन (तनाव) से जूझ रहे हैं। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार में बैठे लोग अपनी नाकामी की जिम्मेदारी लेने के बजाय विपक्ष के नेता राहुल गांधी से ही उल्टे सवाल पूछ रहे हैं। कन्हैया कुमार ने तीखे लहजे में पूछा, “क्या केंद्र में कांग्रेस की सरकार है? जब हम युवाओं के हक में आवाज उठाते हैं, तो हम पर राजनीति का आरोप लगता है। मोदी सरकार जवाब दे कि क्या देश में पेपर लीक करवाना देशभक्ति का काम है?”

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