Knews Desk- बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में सरकारी वाहनों को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। कुछ जनप्रतिनिधियों ने दावा किया है कि महिंद्रा स्कॉर्पियो-N में लंबी दूरी तक यात्रा करने से उन्हें पीठ और कमर दर्द की परेशानी होती है। इसी आधार पर उन्होंने अधिक आरामदायक वाहनों की मांग करते हुए नई टोयोटा इनोवा क्रिस्टा खरीदने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
प्रस्ताव के अनुसार हाउस लीडर, डिप्टी मेयर, विपक्ष के नेता तथा स्टैंडिंग, इम्प्रूवमेंट और एजुकेशन कमेटी के अध्यक्षों को स्कॉर्पियो-N की जगह इनोवा क्रिस्टा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े के पास पहले से ही इनोवा हाईक्रॉस हाइब्रिड वाहन मौजूद है।
इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर ने कहा कि उन्हें भी इसी साल नई स्कॉर्पियो मिली है और उन्होंने वाहन बदलने की कोई मांग नहीं की। उनका कहना है कि कुछ ही महीने पहले खरीदी गई गाड़ियों को बदलना नगर निगम के खजाने पर अनावश्यक बोझ डालने जैसा होगा।
मेयर ने बताया क्यों जरूरी हैं नई गाड़ियां
मेयर ऋतु तावड़े ने वाहन बदलने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि कई समिति अध्यक्ष दहिसर, कांदिवली और बोरीवली जैसे दूर स्थित इलाकों से रोजाना लंबी दूरी तय कर बीएमसी मुख्यालय आते हैं। ऐसे में अधिक आरामदायक वाहन उनकी कार्यक्षमता के लिए जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए नया टेंडर जारी नहीं किया जाएगा, बल्कि पहले से प्रस्तावित खरीद में केवल वाहन मॉडल बदला जाएगा।
वाहन खरीद का प्रस्ताव जल्द ही नगर आयुक्त अश्विनी भिडे के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद संबंधित पदाधिकारियों को नई इनोवा क्रिस्टा उपलब्ध कराई जा सकती है।
बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा स्कॉर्पियो-N वाहनों को बेकार नहीं किया जाएगा। जिन नेताओं को नई गाड़ियां मिलेंगी, उनकी स्कॉर्पियो वार्ड स्तर के उन अधिकारियों को सौंप दी जाएगी जो अभी पुराने वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्कॉर्पियो को पांच वर्षों के उपयोग को ध्यान में रखकर खरीदा गया था और अब उनका पुनर्वितरण किया जाएगा।
हाउस लीडर ने भी की पुष्टि
बीएमसी हाउस लीडर गणेश खांकर ने स्वीकार किया कि समूह नेताओं की बैठक में स्कॉर्पियो बदलने का मुद्दा उठाया गया था। उनका कहना है कि लंबी दूरी के सफर में स्कॉर्पियो-N अपेक्षित आराम नहीं देती, इसलिए इनोवा क्रिस्टा की मांग की गई है।
अब यह प्रस्ताव नगर आयुक्त की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। हालांकि, इस मांग ने सरकारी खर्च और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है। सवाल यह है कि कुछ महीने पहले खरीदी गई सरकारी गाड़ियों को बदलना कितना उचित है और क्या यह खर्च वास्तव में जरूरी है।