मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को भविष्य में विरार में बिना ड्राइवर वाली एलिवेटेड ऑटोमेटेड बस की सुविधा मिल सकती है। बुलेट ट्रेन स्टेशन को मेट्रो लाइन-13 से जोड़ने के लिए 3.1 किलोमीटर लंबे ऑटोमेटेड गाइडवे ट्रांजिट कॉरिडोर का प्रस्ताव विचाराधीन है। इस कॉरिडोर के नीचे से सड़क यातायात गुजर सकेगा।
Knews Desk- मुंबई महानगर क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए एक नई तकनीक पर विचार किया जा रहा है। वसई विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VVCMC) विरार ईस्ट के सहकार नगर स्थित बुलेट ट्रेन स्टेशन को नालासोपारा के मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए ऑटोमेटेड गाइडवे ट्रांजिट (AGT) सिस्टम की योजना पर काम कर रहा है। प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई 3.1 किलोमीटर होगी और इसके रास्ते में सबअर्बन रेलवे ट्रैक भी आएगा।
यह परियोजना फिलहाल प्रस्ताव के स्तर पर है। मेट्रो और मोनोरेल के अलावा, मुंबई महानगर क्षेत्र में प्रस्तावित पॉड टैक्सी जैसी परिवहन सुविधाओं के बीच AGT सिस्टम एक नया विकल्प बन सकता है।
463 हेक्टेयर क्षेत्र के विकास प्लान का हिस्सा
यह योजना विरार स्टेशन के आसपास 463 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे लोकल एरिया डेवलपमेंट प्लान का हिस्सा है। VVCMC अपने कंसल्टेंट टंडन अर्बन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (TUSPL) और जापान की एक टीम के सहयोग से इस योजना को तैयार कर रहा है। इसमें जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) भी शामिल है, जो बुलेट ट्रेन परियोजना की फंडिंग से जुड़ी है।
ड्राफ्ट प्लान नवंबर की शुरुआत तक तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए महाराष्ट्र सरकार के पास भेजा जाएगा।
VVCMC कमिश्नर पृथ्वीराज बीपी के मुताबिक, बुलेट ट्रेन स्टेशन के आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए उसे स्थानीय मेट्रो स्टेशन से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने बताया कि विरार एक रिहायशी इलाका है और यहां के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की जरूरत है।
क्या है ऑटोमेटेड गाइडवे ट्रांजिट सिस्टम?
AGT एक ऐसा परिवहन सिस्टम है, जिसमें विशेष गाइडवे पर पहियों वाली स्वचालित और ड्राइवरलेस गाड़ियां चलती हैं। इसे एलिवेटेड ऑटोमेटेड बस के रूप में विकसित करने की योजना है। सामान्य मेट्रो रेल की तुलना में इसका आकार छोटा होगा और इसके निर्माण की लागत भी कम हो सकती है।
प्रस्तावित सिस्टम की शुरुआती यात्री क्षमता एक बार में लगभग 50 से 70 लोगों की होगी। योजना का उद्देश्य बुलेट ट्रेन स्टेशन और मेट्रो के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है, ताकि यात्रियों को अपने घरों और कार्यस्थलों तक पहुंचने में आसानी हो।
हालांकि, परियोजना अभी शुरुआती चरण में है। इसके निर्माण, मंजूरी और संचालन से जुड़ी अंतिम जानकारी आगे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।