Knews Desk- महाराष्ट्र में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पेपर लीक मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। 28 जून को होने वाली परीक्षा को पेपर लीक सामने आने के बाद राज्य परीक्षा परिषद ने रद्द कर दिया था। इस घटना के बाद पुलिस जांच तेज कर दी गई है और अब इस पूरे नेटवर्क के तार बिहार से जुड़े होने की बात सामने आ रही है।
जानकारी के अनुसार, भिवंडी पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य मास्टरमाइंड अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क का सरगना बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला बिजेंद्र कुमार गुप्ता है, जिसे कई राज्यों में हुए पेपर लीक मामलों से भी जोड़ा जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में परीक्षा से पहले पेपर लीक कराने का संगठित नेटवर्क चला रहा था।
भिवंडी पुलिस ने इस मामले में जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें बिहार के पटना निवासी राजीव शाह और आकाश कुमार उर्फ सूरज सिंह के साथ हरियाणा के पानीपत के धीरज सिंह का नाम शामिल है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में नकदी और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
एफआईआर में कुल पांच आरोपियों के नाम दर्ज हैं, जिनमें फरार आरोपी कपिल दहिया और कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क “समस्तीपुर मॉडल” के नाम से काम करता था, जिसके जरिए पेपर को पहले से ही कुछ उम्मीदवारों तक पहुंचाया जाता था और इसके बदले भारी रकम वसूली जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पेपर उपलब्ध कराने के बदले लगभग 1.5 करोड़ रुपये की मांग की थी और एडवांस भुगतान की भी डिमांड रखी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व डीसीपी पवन बंसोड़ कर रहे हैं। इस टीम में करीब 20 सदस्य शामिल हैं, जिनमें दो ACP, नौ अधिकारी (PI और API) और अन्य पुलिसकर्मी तैनात हैं।
पुलिस अब इस पूरे गिरोह के अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क की भी जांच कर रही है। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद इस पेपर लीक रैकेट से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।