Knews Desk- अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पुलिस पूछताछ के दौरान अपना पक्ष रखते हुए साफ कहा है कि इस पूरे मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने आरोपों का सीधा ठीकरा टिन्नू यादव पर फोड़ते हुए कहा कि उसी ने ट्रस्ट का विश्वास तोड़ा है।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान चंपत राय ने यह भी स्वीकार किया कि चढ़ावे की व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी भले ही उनकी थी, लेकिन संचालन और निगरानी में कई अन्य लोग भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्हें अनियमितता की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्धों की पहचान कराई और एफआईआर दर्ज कराने में भी सहयोग किया। चंपत राय ने यह भी बताया कि टिन्नू यादव लंबे समय से ट्रस्ट से जुड़ा हुआ था और उस पर भरोसा किया गया था, लेकिन उसकी कथित भूमिका ने सभी को चौंका दिया। उनका कहना था कि इस तरह की गड़बड़ी की उम्मीद किसी ने नहीं की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने भर्ती प्रक्रिया और ट्रस्ट में नियुक्तियों को लेकर भी सवाल किए। इस पर उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से कई लोगों को अवसर दिया गया था और यह निर्णय केवल व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों की सहमति से लिया गया था। इस संदर्भ में उन्होंने डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव का भी उल्लेख किया। इसी बीच पुलिस और एसआईटी की जांच में तेजी आई है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक जुटाए गए साक्ष्यों और बयानों का मिलान किया जा रहा है ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि चढ़ावे की राशि में हेराफेरी किस स्तर पर और किसकी मिलीभगत से हुई।
उधर, इस मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सभी आरोपी अब 13 जुलाई को कोर्ट में पेश किए जाएंगे। इससे पहले पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, गहने और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां लगातार हर पहलू की गहनता से जांच कर रही हैं और जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।