Knews Desk– महाराष्ट्र के जालना शहर में शनिवार, 31 अक्टूबर की रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। नूतन वसाहत क्षेत्र में स्थित फ्लाईओवर से एक कंटेनर ट्रक नीचे बने एकता ढाबे पर गिर गया। इस दुर्घटना में ट्रक में सवार दो लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कंटेनर ट्रक में स्क्रैप यानी कबाड़ लदा हुआ था। ट्रक अंबड चौफुली से नूतन वसाहत की ओर जा रहा था। शनिवार रात करीब 10 बजकर 55 मिनट पर फ्लाईओवर से गुजरते समय चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद ट्रक फ्लाईओवर का सुरक्षा बैरियर तोड़ते हुए नीचे स्थित ढाबे पर जा गिरा। टक्कर इतनी भीषण थी कि कंटेनर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ढाबे को भी काफी नुकसान पहुंचा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ट्रक में सवार दोनों लोगों को दुर्घटना के बाद बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। मृतकों के ट्रक चालक और क्लीनर होने की आशंका जताई गई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद उनकी पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी थी।पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के समय ढाबा बंद था। इसी वजह से वहां मौजूद अन्य लोगों के हताहत होने की आशंका कम रही। हालांकि, घटनास्थल पर कंटेनर और ढाबे को हुए नुकसान का आकलन करने के साथ यह भी जांच की गई कि मलबे के नीचे कोई अन्य व्यक्ति तो नहीं फंसा है। अधिकारियों ने बताया कि वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर उसके मालिक से संपर्क करने का प्रयास किया गया।
इस दुर्घटना के बाद फ्लाईओवर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, इसी फ्लाईओवर के मोड़ पर वर्ष 2018-19 में भी एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस समय ट्रक सुरक्षा बैरियर में फंस गया था और नीचे गिरने से बच गया था। उस घटना में किसी की जान नहीं गई थी। बताया जाता है कि करीब तीन से चार महीने पहले नगर निगम ने इस स्थान पर नया सुरक्षा बैरियर बनवाया था। इसके बावजूद दोबारा हुए इस गंभीर हादसे ने सड़क सुरक्षा और फ्लाईओवर के डिजाइन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।फिलहाल, पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ट्रक चालक का वाहन से नियंत्रण किन परिस्थितियों में हटा। हादसे ने एक बार फिर फ्लाईओवर पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा और खतरनाक मोड़ों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।