अमरावती: घूमने निकले थे चार बच्चे, तालाब में नहाने के दौरान डूबने से हुई दर्दनाक मौत, मृतकों में दो भाई-बहन भी शामिल

डिजिटल डेस्क- महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के घाटखेड़ा तालाब में नहाने गए चार बच्चों की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे की सबसे मर्मस्पर्शी बात यह है कि मृतकों में दो सगे भाई-बहन भी शामिल हैं। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को बल्कि पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, अमरावती के खोलापुरी गेट पुलिस थाना क्षेत्र के रहने वाले ये चारों बच्चे रविवार को घर से घूमने के बहाने निकले थे। घूमते-घूमते वे घाटखेड़ा तालाब के पास पहुँच गए। गर्मी और मौज-मस्ती के फेर में चारों ने तालाब में नहाने का फैसला किया। लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि तालाब की गहराई उनके लिए काल बन जाएगी। नहाने के दौरान एक-एक कर चारों बच्चे गहरे पानी में समा गए। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय तालाब के पास कोई और मौजूद नहीं था। यदि वहां कोई बड़ा व्यक्ति होता, तो शायद इन बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। काफी देर तक जब बच्चों की कोई हलचल नहीं हुई, तब जाकर ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

मृतकों की पहचान और परिजनों का विलाप

हादसे में जान गंवाने वाले चारों मृतकों की पहचान हो गई है। इनमें सोनाली नरेंद्र जोशी (16 वर्ष) और उनके छोटे भाई आदित्य नरेंद्र जोशी (12 वर्ष) शामिल हैं। इनके अलावा पायल बबलू पंडित (21 वर्ष) और यश गजानन काकणे (13 वर्ष) की भी इस हादसे में मौत हो गई। जैसे ही यह खबर बच्चों के घर पहुँची, परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दो जवान बच्चों को खोने वाले जोशी परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आँख नम है।

राहत और बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की ‘आपदा खोज एवं बचाव टीम’ मौके पर पहुँची। स्थानीय तैराकों और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने चारों के शवों को तालाब से बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आकस्मिक मृत्यु के रूप में जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन की अपील: जलाशयों से रहें सावधान

इस घटना के बाद प्रशासन ने एक बार फिर अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें अकेले किसी भी तालाब, नदी या जलाशय के पास न जाने दें। अक्सर गहराई का सही अंदाजा न होने के कारण ऐसे पिकनिक स्पॉट हादसों का केंद्र बन जाते हैं।

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