Wheat Flour Side Effects: क्या रोजाना गेहूं की रोटी खाना शरीर के लिए नुकसानदायक है? एक्सपर्ट से समझिए पूरी जानकारी

KNEWS DESK- भारतीय रसोई में गेहूं के आटे की रोटी सबसे ज्यादा खाई जाने वाली चीजों में शामिल है। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक ज्यादातर लोगों की थाली गेहूं की रोटी के बिना अधूरी मानी जाती है। लेकिन पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर “नो व्हीट फ्लोर” ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। कई फिटनेस एक्सपर्ट और हेल्थ इंफ्लुएंसर गेहूं के आटे को डाइट से हटाने की सलाह दे रहे हैं।

ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या सच में गेहूं का आटा शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है?

क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक गेहूं का आटा हर व्यक्ति के लिए नुकसानदायक नहीं होता। लेकिन अगर इसे जरूरत से ज्यादा मात्रा में या गलत तरीके से खाया जाए, तो शरीर पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार गेहूं एक कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट है, जिसमें ग्लूटेन की मात्रा अधिक होती है। ऐसे लोग जिन्हें ग्लूटेन से एलर्जी है या जिन्हें ग्लूटेन फ्री डाइट की जरूरत होती है, उन्हें गेहूं के सेवन से बचना चाहिए।

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एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति दिनभर में बार-बार सिर्फ गेहूं के आटे की रोटी खाता है, तो इससे शरीर में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। लगातार ऐसा होने पर वजन बढ़ने, फैटी लिवर और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर डायबिटीज या मोटापे से जूझ रहे लोगों को अपने आटे के चुनाव में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

गेहूं के आटे को पूरी तरह बंद करना जरूरी है?

डॉक्टरों का कहना है कि गेहूं का आटा पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। बल्कि इसे संतुलित मात्रा में और दूसरे अनाजों के साथ मिलाकर खाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

अलग-अलग आटे मिलाने के फायदे

  • ज्वार का आटा मिलाने से ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो सकता है, जो शुगर मरीजों के लिए बेहतर माना जाता है।
  • बाजरे का आटा प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, जो वजन कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।
  • रागी का आटा आयरन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है।

कैसे करें हेल्दी सेवन?

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सिर्फ गेहूं पर निर्भर रहने के बजाय मल्टीग्रेन आटे का इस्तेमाल करना ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके अलावा रोटी के साथ सलाद, दाल और प्रोटीन वाली चीजें शामिल करने से शरीर को संतुलित पोषण मिलता है।

हर ट्रेंड को फॉलो करना जरूरी नहीं

सोशल मीडिया पर चल रहे हर हेल्थ ट्रेंड को आंख बंद करके फॉलो करना सही नहीं होता। किसी भी चीज को पूरी तरह डाइट से हटाने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए। सही मात्रा और सही तरीके से खाया गया गेहूं का आटा आज भी संतुलित भारतीय डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है।

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