KNEWS DESK- पंजाब में निकाय चुनावों के लिए मंगलवार सुबह से मतदान जारी है। राज्य के आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 20 नगर पंचायतों के 1,896 वार्डों में वोट डाले जा रहे हैं। मतदान सुबह 8 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चलेगा। चुनाव के नतीजे 29 मई को घोषित किए जाएंगे।
इन चुनावों को 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले काफी अहम माना जा रहा है। राज्यभर में मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। चुनाव आयोग ने करीब 32 हजार पुलिसकर्मियों और 35 हजार चुनाव कर्मचारियों की तैनाती की है।
मतदान शुरू होने से पहले ही कई इलाकों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। राज्य चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, कहीं से भी मतदान प्रक्रिया में किसी बड़ी परेशानी की सूचना नहीं मिली है।
इस बार चुनाव मैदान में कुल 7,555 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें Bhagwant Mann की आम आदमी पार्टी के 1,801 उम्मीदवार, कांग्रेस के 1,550, भाजपा के 1,316 और शिरोमणि अकाली दल के 1,251 उम्मीदवार शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
चुनाव में करीब 35.45 लाख मतदाता हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें पुरुष, महिलाएं और अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। इस बार भी वोटिंग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए कराई जा रही है।
निकाय चुनावों से पहले ईवीएम को लेकर विवाद भी देखने को मिला था। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग वाली याचिका दायर की गई थी, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ईवीएम से बैलेट पेपर पर जाने का फैसला बिना कानूनी प्रक्रिया के नहीं लिया जा सकता।
इस बीच Sunil Jakhar ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए किसी भी गलत तरीके का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर दबाव की राजनीति करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद चुनाव प्रचार नहीं किया, लेकिन आम आदमी पार्टी के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने उम्मीदवारों के समर्थन में जोरदार प्रचार किया।
भाजपा का दावा है कि इस बार पार्टी की स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई है और उसे शहरी के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी समर्थन मिल रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पहले जहां कई जगह उम्मीदवार खड़े करने में दिक्कत होती थी, वहीं इस बार बड़ी संख्या में लोग भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे।
अब सभी की नजर 29 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी है, जो पंजाब की राजनीति का मूड काफी हद तक साफ कर सकते हैं।