KNEWS DESK- जबलपुर के Bargi Dam के पास हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। क्रूज के पानी में पलटने से कई लोगों की डूबकर मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम नाव की सवारी के दौरान जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं?

टूरिस्ट स्पॉट पर बढ़ती लापरवाही बन रही खतरा
नदी, झील या समुद्र में बोटिंग करना एक रोमांचक अनुभव होता है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही इसे जानलेवा बना सकती है। हाल के वर्षों में Mathura समेत कई जगहों पर नाव हादसों में लोगों की जान गई है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह सेफ्टी नियमों की अनदेखी है।
नाव की क्षमता का रखें ध्यान
हर नाव या क्रूज की एक तय क्षमता होती है। छोटी नावों में नीचे सफेद पट्टी या क्षमता का निशान बना होता है। अगर सवारियों के बैठने पर यह पानी में डूबने लगे, तो समझ लें कि नाव ओवरलोड हो रही है। ऐसे में यात्रा करना बेहद खतरनाक हो सकता है।

मौसम की जानकारी लेना है जरूरी
बरगी हादसे में भी शुरुआत में मौसम सामान्य था, लेकिन बीच नदी में तेज हवा चलने लगी, जिससे क्रूज पलट गई। इसलिए बोटिंग से पहले मौसम की सही जानकारी जरूर लें और खराब मौसम में यात्रा करने से बचें।
लाइफ जैकेट पहनना न भूलें
नाव में बैठते ही सबसे पहले लाइफ जैकेट पहनना जरूरी है। तैरना आता हो या नहीं, यह आपकी जान बचाने का सबसे बड़ा सहारा है। पहनने के बाद यह भी जांच लें कि जैकेट सही स्थिति में है या नहीं।

स्थानीय नियमों का करें पालन
हर बोटिंग स्पॉट पर कुछ सुरक्षा नियम बनाए जाते हैं, जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र, गहरे पानी या तेज धारा वाले हिस्से। इन नियमों को समझना और पालन करना बेहद जरूरी है।
इमरजेंसी प्लान की जानकारी रखें
नाव या क्रूज में चढ़ने से पहले यह जान लें कि आपात स्थिति में क्या करना है। रेस्क्यू उपकरण कहां रखे हैं, और चालक कितना अनुभवी है—इन बातों की जानकारी आपकी सुरक्षा बढ़ा सकती है।
समय का रखें ध्यान
सुबह सूर्योदय से पहले और शाम सूर्यास्त के बाद बोटिंग से बचना चाहिए। अंधेरे में हादसे का खतरा बढ़ जाता है और बचाव कार्य भी मुश्किल हो जाता है।
जान बचाने की स्किल भी है जरूरी
अगर कोई व्यक्ति पानी में डूब जाए और बाहर आने के बाद बेहोश हो जाए, तो CPR जैसी तकनीक जानना उसकी जान बचा सकता है।
बरगी बांध हादसा एक कड़ी चेतावनी है कि एडवेंचर के साथ सावधानी भी जरूरी है। सही जानकारी और सेफ्टी नियमों का पालन ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे बड़ा तरीका है।