KNEWS DESK- सावन सोमवार के व्रत में दिनभर फलाहार करने के बाद शाम को कुछ स्वादिष्ट और पेट भरने वाला खाने का मन हो तो साबूदाना खिचड़ी बेहतरीन विकल्प हो सकती है। आलू, मूंगफली और हल्के मसालों से तैयार साबूदाना खिचड़ी स्वादिष्ट होने के साथ आसानी से बनाई भी जा सकती है। हालांकि, इसे बनाते समय सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि साबूदाना अक्सर आपस में चिपक जाता है। अगर साबूदाने को सही तरीके से धोया और भिगोया जाए तो खिचड़ी एकदम खिली-खिली बन सकती है।

सावन सोमवार का व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान कई लोग अनाज और सामान्य नमक का सेवन नहीं करते और फलाहार करते हैं। ऐसे में शाम के भोजन के लिए साबूदाना खिचड़ी बनाई जा सकती है। आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी और वह खास तरीका जिससे साबूदाना चिपकेगा नहीं।
साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए सामग्री
साबूदाना – 1 कप
उबले आलू – 2
मूंगफली – 2 बड़े चम्मच
जीरा – आधा छोटा चम्मच
करी पत्ते – 8 से 10
अदरक – 1 छोटा टुकड़ा, बारीक कटा हुआ
हरी मिर्च – 1 से 2
घी – लगभग 2 चम्मच
सेंधा नमक – स्वादानुसार
नींबू का रस – स्वादानुसार
हरा धनिया – गार्निशिंग के लिए
साबूदाना चिपकने से बचाने के लिए ऐसे करें तैयार
साबूदाना खिचड़ी को खिली-खिली बनाने का सबसे जरूरी स्टेप इसे सही तरीके से धोना है। इसके लिए एक चौड़े बर्तन में एक कप साबूदाना लें और उसमें पर्याप्त पानी डालें। अब उंगलियों की मदद से साबूदाने को धीरे-धीरे मलकर धोएं और पानी निकाल दें। इस प्रक्रिया को करीब 2 से 3 बार दोहराएं। ऐसा करने से साबूदाने पर मौजूद अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है। यही स्टार्च खिचड़ी बनाते समय साबूदाने को आपस में चिपकाने की बड़ी वजह बनता है।
सही तरीके से भिगोना भी है जरूरी
साबूदाना अच्छी तरह धोने के बाद इसमें इतना पानी डालें कि वह जरूरत के अनुसार नमी सोख सके। इसे करीब 4 घंटे तक भिगोकर रखें। इसके बाद साबूदाने को उंगलियों से दबाकर देखें। अगर वह आसानी से दब रहा है तो समझें कि साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए तैयार है। अगर बर्तन में अतिरिक्त पानी बचा हुआ है तो उसे अच्छी तरह निकाल दें। ज्यादा पानी होने पर भी खिचड़ी चिपचिपी हो सकती है।
ऐसे बनाएं साबूदाना खिचड़ी
- सबसे पहले एक कड़ाही या पैन गर्म करें। इसमें मूंगफली डालकर हल्का भून लें। मूंगफली कुरकुरी हो जाए तो इसे निकालकर अलग रख दें।
- अब उसी पैन में लगभग 2 चम्मच घी गर्म करें। इसमें जीरा और करी पत्ते डालें। इसके बाद बारीक कटा अदरक और हरी मिर्च डालकर कुछ देर भूनें।
- अब उबले हुए कटे या हल्के मसले आलू डालें और उन्हें भी थोड़ी देर भून लें। इसके बाद भिगोया हुआ साबूदाना डालकर सभी चीजों को हल्के हाथों से मिलाएं।
- भुनी हुई मूंगफली और स्वादानुसार सेंधा नमक डालें। अगर आपको खिचड़ी में हल्का मीठा स्वाद पसंद है तो थोड़ी सी चीनी भी मिला सकते हैं।
ज्यादा देर तक न पकाएं साबूदाना
- साबूदाना खिचड़ी बनाते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि इसे जरूरत से ज्यादा देर तक न पकाया जाए। साबूदाना जब हल्का पारदर्शी दिखाई देने लगे तो समझें कि वह पक चुका है।
- इसे बार-बार चलाने से भी बचें। ज्यादा देर तक पकाने और लगातार चलाने से साबूदाना टूट सकता है और खिचड़ी चिपचिपी होने लगती है।
- खिचड़ी तैयार होने के बाद गैस बंद कर दें। ऊपर से नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया डालें। गर्मागर्म साबूदाना खिचड़ी सर्व करें।
इन टिप्स से बनेगी एकदम खिली-खिली खिचड़ी
साबूदाने को 2 से 3 बार पानी से धोकर उसका अतिरिक्त स्टार्च जरूर निकालें। भिगोने के बाद साबूदाने में अतिरिक्त पानी नहीं रहना चाहिए। खिचड़ी को बहुत ज्यादा पकाने या लगातार चलाने से बचें। वहीं, मूंगफली को पहले से भूनकर डालने से खिचड़ी का स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं। इस आसान तरीके से तैयार साबूदाना खिचड़ी सावन सोमवार के व्रत में शाम के फलाहार के लिए स्वादिष्ट विकल्प बन सकती है।