Monsoon Health Tips: बारिश में बढ़ सकता है डायरिया का खतरा, इन सावधानियों से रखें सेहत का ख्याल

KNEWS DESK- मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी लेकर आता है। बारिश के दिनों में दूषित पानी, संक्रमित भोजन और आसपास जमा गंदगी के कारण पेट से जुड़ी बीमारियां बढ़ सकती हैं। इन्हीं में से एक डायरिया भी है, जिसमें बार-बार पतले दस्त होने के कारण शरीर तेजी से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स खो सकता है।

बारिश के मौसम में पानी के स्रोत दूषित होने की आशंका बढ़ सकती है। वहीं, गर्म और नम वातावरण में भोजन भी जल्दी खराब हो सकता है। ऐसे में खानपान और साफ-सफाई को लेकर थोड़ी सी लापरवाही परेशानी बढ़ा सकती है। खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में डिहाइड्रेशन का जोखिम अधिक गंभीर हो सकता है। आइए जानते हैं मानसून में डायरिया से बचने के लिए किन सावधानियों को अपनाना चाहिए और किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना जरूरी है।

साफ और सुरक्षित पानी का करें इस्तेमाल

बारिश के दिनों में पीने के पानी की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अगर पानी की गुणवत्ता को लेकर संदेह है तो सुरक्षित तरीके से शुद्ध किया हुआ पानी इस्तेमाल करें। जरूरत पड़ने पर पानी को उबालकर ठंडा करने के बाद पिया जा सकता है। पीने के पानी को हमेशा साफ और ढके हुए बर्तन में रखें।

हाथों की सफाई है बेहद जरूरी

खाना बनाने और खाने से पहले साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह धोएं। टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद भी हाथ धोना जरूरी है। बच्चों की देखभाल करने वालों को भी उनकी साफ-सफाई के बाद हाथ जरूर धोने चाहिए। हाथों की स्वच्छता कई तरह के संक्रमणों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ताजा और अच्छी तरह पका खाना खाएं

मानसून के दौरान लंबे समय से खुले में रखे हुए भोजन और संदिग्ध स्ट्रीट फूड से सावधानी बरतें। घर में भी ताजा और अच्छी तरह पका हुआ खाना खाने की कोशिश करें। फलों और सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोने के बाद ही इस्तेमाल करें। पके हुए भोजन को ढककर रखें, ताकि मक्खियां और दूसरे कीट उस तक न पहुंच सकें।

डायरिया होने पर डिहाइड्रेशन से बचना जरूरी

डायरिया में शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम हो सकते हैं। ऐसे में पर्याप्त तरल लेना महत्वपूर्ण है। ओआरएस (ORS) का इस्तेमाल शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने में मदद करता है। खासकर बच्चों में डायरिया होने पर डिहाइड्रेशन के संकेतों पर लगातार नजर रखना जरूरी है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

बार-बार पतले दस्त के साथ तेज बुखार, लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द या मल में खून दिखाई दे तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा मुंह सूखना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, पेशाब कम होना, चक्कर आना और असामान्य कमजोरी डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं। अगर मरीज तरल पदार्थ नहीं पी पा रहा है, बहुत सुस्त हो रहा है या स्थिति तेजी से बिगड़ रही है तो चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

इन लोगों को रखना चाहिए ज्यादा ध्यान

छोटे बच्चों और बुजुर्गों में डायरिया के कारण पानी की कमी तेजी से हो सकती है। गर्भवती महिलाओं, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी विशेष सावधानी रखनी चाहिए। मानसून में डायरिया से बचने का सबसे आसान तरीका सुरक्षित पानी, साफ हाथ और स्वच्छ भोजन है। थोड़ी सी सावधानी संक्रमण का जोखिम कम करने में मदद कर सकती है।

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