KNEWS DESK- खांसी-जुकाम या गले में खराश के दौरान अक्सर कुछ गरमागरम और हल्का खाने का मन करता है। ऐसे में अगर मैगी खाने का मूड है, तो इसे सूखी बनाने के बजाय सूप के साथ बनाकर ट्राई किया जा सकता है। सब्जियों, अदरक और लहसुन के साथ तैयार होने वाली सूपी मैगी स्वाद में अच्छी लगती है और इसे आसानी से कुछ ही मिनटों में बनाया जा सकता है।
गला खराब होने पर बहुत ज्यादा मसालेदार या तीखा खाना असहज लग सकता है। ऐसे में मैगी में ज्यादा मसाले और चिली फ्लेक्स डालने के बजाय इसे हल्के स्वाद वाले सूप की तरह बनाया जा सकता है। इसमें सब्जियां और थोड़ा अदरक-लहसुन डालने से इसका स्वाद भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं सूपी मैगी बनाने का आसान तरीका।
सबसे पहले एक पैन में थोड़ा तेल डालकर गर्म करें। तेल गर्म होने के बाद इसमें बारीक कटा हुआ अदरक और लहसुन डालें। इन्हें हल्का भूनें और ध्यान रखें कि ये जलने न पाएं, क्योंकि जलने पर स्वाद कड़वा हो सकता है। अब इसमें बारीक कटी गाजर, स्वीट कॉर्न, मटर या अपनी पसंद की दूसरी सब्जियां डालें। सब्जियों को हल्का भूनने के बाद इसमें सामान्य मैगी बनाने के मुकाबले करीब डेढ़ से दो कप ज्यादा पानी डालें। इसे कुछ मिनट तक उबलने दें, ताकि सब्जियां भी अच्छी तरह पक जाएं।
इसके बाद इसमें थोड़ा नमक और काली मिर्च डालें। गले में खराश के दौरान बहुत ज्यादा तीखा स्वाद रखने से बचें। मैगी का मसाला भी पूरा डालने के बजाय आधा या तीन-चौथाई पैकेट इस्तेमाल किया जा सकता है। मसाला डालने के बाद सूप को कुछ देर और उबालें। अब तैयार सूप में मैगी के नूडल्स डाल दें। नूडल्स को सामान्य मैगी की तुलना में थोड़ा ज्यादा पकाएं, ताकि वे अच्छी तरह नरम हो जाएं। मीडियम फ्लेम पर करीब 4 से 5 मिनट तक पकाने के बाद नूडल्स तैयार हो जाएंगे।
सूपी मैगी को थोड़ा क्रीमी बनाने के लिए गैस बंद करने के बाद इसमें 2 से 3 चम्मच दूध डालकर हल्के हाथ से मिला सकते हैं। इससे सूप का टेक्सचर थोड़ा क्रीमी हो जाएगा और मैगी का स्वाद भी अलग लगेगा। अगर आप इसे ज्यादा पौष्टिक बनाना चाहते हैं, तो इसमें सिर्फ नूडल्स के बजाय कई तरह की सब्जियां शामिल कर सकते हैं। गाजर, मटर, कॉर्न और बारीक कटा पालक इसके लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा छोटे टुकड़ों में कटा टोफू या पनीर भी इसमें डाला जा सकता है।
इस तरह कुछ आसान सामग्री की मदद से घर पर ही गरमागरम सूपी मैगी तैयार की जा सकती है। हालांकि, गले की खराश या खांसी-जुकाम के दौरान यह सिर्फ एक भोजन विकल्प है, इलाज नहीं। अगर गले की समस्या ज्यादा समय तक बनी रहे या लक्षण गंभीर हों, तो डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।