KNEWS DESK- नवरात्रि के व्रत में साबूदाना खिचड़ी स्वाद और ऊर्जा के लिए पसंद की जाती है। सही तरीके से साबूदाना भिगोने और पकाने से खिचड़ी चिपचिपी नहीं बनेगी और दाने भी खिले-खिले रहेंगे।
शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ व्रत रखते हैं। इस दौरान फलाहार में ऐसी चीजें खाने की इच्छा होती है, जो स्वादिष्ट होने के साथ पेट भरने में भी मदद करें। साबूदाना खिचड़ी व्रत के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है। इसमें साबूदाना, आलू और मूंगफली का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसे बनाते समय कई बार साबूदाना आपस में चिपक जाता है, जिससे खिचड़ी का स्वाद और बनावट खराब हो जाती है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर घर पर खिला-खिला साबूदाना तैयार कर सकते हैं।
साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए सामग्री
साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए एक कप साबूदाना, एक से दो उबले आलू, आधा कप मूंगफली, एक से दो बारीक कटी हरी मिर्च, आधा छोटा चम्मच जीरा, स्वादानुसार सेंधा नमक, एक से दो बड़े चम्मच घी, एक छोटा चम्मच नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया लें।
साबूदाना खिचड़ी बनाने की आसान विधि
सबसे पहले साबूदाना को दो से तीन बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इससे उसकी सतह पर मौजूद अतिरिक्त स्टार्च निकलने में मदद मिलती है। इसके बाद साबूदाना को एक बर्तन में डालकर इतना पानी डालें कि दाने अच्छी तरह भीग जाएं। भिगोने का समय साबूदाना के आकार और पैकेट पर दिए निर्देशों के अनुसार रखें। आमतौर पर इसे कुछ घंटों तक भिगोने की जरूरत होती है।
साबूदाना भीगने के बाद एक दाने को उंगलियों के बीच दबाकर देखें। अगर दाना आसानी से दब जाता है, तो समझें कि वह तैयार है। इसके बाद साबूदाना को छलनी में डालकर अतिरिक्त पानी निकाल दें और कुछ देर ऐसे ही छोड़ दें, ताकि उसमें बची नमी भी कम हो जाए।
अब एक कड़ाही में मूंगफली को अच्छी तरह भूनकर अलग रख लें। उसी कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें जीरा डालें। जीरा चटकने लगे तो बारीक कटी हरी मिर्च और उबले हुए आलू के टुकड़े डालकर हल्का भून लें।
इसके बाद भीगा हुआ साबूदाना कड़ाही में डालें। साथ में भुनी हुई मूंगफली और सेंधा नमक मिलाएं। सभी चीजों को हल्के हाथों से चलाते हुए मध्यम से धीमी आंच पर पकाएं। जब साबूदाना पारदर्शी दिखाई देने लगे, तो गैस बंद कर दें। आखिर में नींबू का रस और हरा धनिया डालकर खिचड़ी को गर्मागर्म परोसें।
इन गलतियों से बचें, नहीं चिपकेगा साबूदाना
साबूदाना खिचड़ी को खिला-खिला बनाने के लिए भिगोते समय पानी की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। जरूरत से ज्यादा पानी डालने से दाने अधिक नरम होकर चिपक सकते हैं। इसलिए साबूदाना को भिगोने के बाद अतिरिक्त पानी अच्छी तरह निकाल दें।
मूंगफली को भूनकर दरदरा पीसने से भी खिचड़ी की बनावट बेहतर हो सकती है। इसे पकाते समय बार-बार तेज हाथों से चलाने से बचें और साबूदाना को जरूरत से ज्यादा न पकाएं। जैसे ही दाने पारदर्शी होने लगें, गैस बंद कर दें। इन आसान तरीकों को अपनाकर आप नवरात्रि के व्रत में स्वादिष्ट साबूदाना खिचड़ी बना सकते हैं। सही तरीके से तैयार की गई खिचड़ी में साबूदाना के दाने अलग-अलग रहते हैं और आलू व मूंगफली के साथ इसका स्वाद भी बढ़ जाता है।