KNEWS DESK- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच कूटनीतिक हल की कोशिशें फिर तेज होती दिख रही हैं। Donald Trump ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत का दूसरा दौर जल्द हो सकता है, हालांकि इसे लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी अगले दो दिनों में Islamabad में फिर से मुलाकात कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली बैठक Hotel Serena में 11 अप्रैल को हुई थी और संभावित रूप से अगली वार्ता भी वहीं आयोजित की जा सकती है। इस बयान से संकेत मिलता है कि पाकिस्तान इस संवेदनशील वार्ता में अहम भूमिका निभा रहा है।
ट्रंप ने Asim Munir की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से बातचीत की संभावना बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने अपने ही बयान में कुछ विरोधाभास भी दिखाया। एक ओर उन्होंने बातचीत के आगे बढ़ने की बात कही, वहीं दूसरी ओर यह भी संकेत दिया कि प्रक्रिया धीमी है और अगली बैठक संभवतः किसी अन्य स्थान—जैसे यूरोप—में हो सकती है।
इस बीच, ज़मीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना की कड़ी नाकेबंदी जारी है। United States Central Command के अनुसार, इस ऑपरेशन में 10,000 से अधिक सैनिकों के साथ कई युद्धपोत और लड़ाकू विमान तैनात किए गए हैं। शुरुआती 24 घंटों में कोई भी जहाज इस नाकेबंदी को पार नहीं कर सका।
CENTCOM ने यह भी दावा किया कि छह व्यापारिक जहाजों ने अमेरिकी निर्देशों का पालन करते हुए अपना रास्ता बदल लिया और वापस ईरानी बंदरगाहों की ओर लौट गए। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ट्रैकिंग डेटा के आधार पर यह कहा गया है कि ईरान से जुड़े चार जहाज नाकेबंदी के बावजूद इस मार्ग को पार करने में सफल रहे।
इससे पहले दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन वह बेनतीजा रही। दोनों पक्षों ने वार्ता विफल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया था।कुल मिलाकर, अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। जहां एक ओर सैन्य दबाव जारी है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक रास्ते तलाशने की कोशिशें भी जारी हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो पाएगा कि बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इससे क्षेत्रीय तनाव कम हो सकेगा।