KNEWS DESK- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का सख्त खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वॉशिंगटन प्रशासन ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर का फंड तैयार कर रहा है। ट्रंप ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए इसे “फेक न्यूज” करार दिया है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान को किसी भी प्रकार की बड़ी वित्तीय सहायता देने की खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। उन्होंने इस तरह की रिपोर्ट्स के लिए विपक्षी डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह राजनीतिक भ्रम फैलाने का प्रयास है।
दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिका एक ऐसा प्रस्तावित फंड तैयार कर सकता है, जिसका उद्देश्य ईरान में प्रतिबंध हटने के बाद वैश्विक कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देना होगा। रिपोर्ट के अनुसार यह राशि सीधे ईरान सरकार को देने के बजाय निवेश सुरक्षा और व्यापारिक अवसरों को सुगम बनाने के लिए उपयोग की जा सकती थी।
इस योजना को लेकर यह भी कहा गया था कि यह तभी आगे बढ़ेगी जब ईरान परमाणु समझौते सहित अन्य विवादों पर किसी अंतिम समझौते पर सहमत होगा। प्रस्तावित ढांचे में यूरोप, एशिया और अन्य देशों की कंपनियों की भागीदारी की बात भी सामने आई थी।
हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी योजना को मंजूरी नहीं दी गई है और न ही ईरान को कोई वित्तीय सहायता दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयानों में भी यह संकेत मिला था कि किसी भी प्रकार की आर्थिक राहत या फंड तक पहुंच पूरी तरह ईरान की प्रतिबद्धताओं और परमाणु वार्ता की प्रगति पर निर्भर करेगी।
फिलहाल अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ईरान को किसी भी बड़े आर्थिक पैकेज की खबरें केवल अटकलें हैं और वास्तविक नीति का हिस्सा नहीं हैं।