KNEWS DESK- रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने के साथ भगवान को रक्षा सूत्र अर्पित करने की भी परंपरा है. मान्यता है कि इससे भगवान का आशीर्वाद मिलता है और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है. जानिए किस देवता को राखी बांधना शुभ माना जाता है और इसकी सही विधि क्या है.
आज 28 अगस्त 2026 को देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है. यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आपसी स्नेह का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करती हैं. भाई भी बहन की रक्षा का संकल्प लेते हैं और उन्हें उपहार देते हैं.
रक्षाबंधन से जुड़ी एक परंपरा भगवान को राखी या रक्षा सूत्र अर्पित करने की भी है. कई परिवारों में भाई को राखी बांधने से पहले घर के मंदिर में भगवान को राखी बांधी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से पहले भगवान का आशीर्वाद लेना शुभ माना जाता है.
भगवान को राखी बांधने का शुभ समय
रक्षाबंधन के दिन भगवान को राखी अर्पित करने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक बताया गया है. मान्यता के अनुसार, सुबह स्नान और पूजा के बाद भगवान को रक्षा सूत्र अर्पित करना चाहिए. इसके बाद भाई की कलाई पर राखी बांधने की परंपरा निभाई जा सकती है.
किस देवता को बांध सकते हैं राखी?
रक्षाबंधन पर सबसे पहले भगवान गणेश को राखी अर्पित करना शुभ माना जाता है. गणेश जी को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है, इसलिए पूजा की शुरुआत उन्हीं से की जाती है. इसके बाद व्यक्ति अपने इष्टदेव, कुलदेवी या कुलदेवता को राखी अर्पित कर सकता है. कई घरों में भगवान श्रीकृष्ण या लड्डू गोपाल को भी राखी बांधने की परंपरा है. इसके अलावा भगवान विष्णु, भगवान शिव और हनुमान जी को भी श्रद्धा के साथ रक्षा सूत्र अर्पित किया जा सकता है. हालांकि, किस देवता को राखी बांधनी है, यह व्यक्ति की आस्था और पारिवारिक परंपरा पर भी निर्भर करता है.
भगवान को राखी बांधने की सही विधि
रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें. इसके बाद पूजा की थाली तैयार करें, जिसमें रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखें. घर के मंदिर में सबसे पहले दीपक जलाकर भगवान गणेश की पूजा करें.
भगवान गणेश को रोली और अक्षत का तिलक लगाने के बाद उन्हें राखी या रक्षा सूत्र अर्पित करें. इसके बाद अपने इष्टदेव या कुलदेवी-कुलदेवता को भी रक्षा सूत्र बांधें. यदि घर में लड्डू गोपाल हैं तो उन्हें भी श्रद्धापूर्वक राखी अर्पित की जा सकती है.
राखी बांधने के बाद भगवान को मिठाई का भोग लगाएं और आरती करें. इसके बाद हाथ जोड़कर अपने परिवार की रक्षा, सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान को राखी अर्पित करने के बाद भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ माना जाता है.
राखी बांधते समय बोलें ये मंत्र
भगवान को रक्षा सूत्र अर्पित करते समय पारंपरिक रक्षा सूत्र मंत्र का जाप किया जाता है. यही मंत्र भाई को राखी बांधते समय भी बोला जाता है- “येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामपि बध्नामि, रक्षे माचल माचलः॥”
मान्यता है कि इस मंत्र के जाप के साथ रक्षा सूत्र बांधने से भगवान से सुरक्षा और मंगल की कामना की जाती है. हालांकि, पूजा-पाठ की विधि और परंपराएं अलग-अलग परिवारों में भिन्न हो सकती हैं.