कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ी, IGL में मिली पहचान और अब जज बनीं शेरॉन वर्मा, बिहार से मुंबई तक की कहानी

KNEWS DESK – इंटरनेट और सोशल मीडिया की दुनिया में कब कौन रातों-रात चर्चा में आ जाए, कहा नहीं जा सकता. समय रैना के चर्चित और विवादित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ ने कई नए चेहरों को पहचान दिलाई, लेकिन इनमें एक नाम ऐसा भी है, जिसने शो के पूरे फॉर्मूले को ही उलटकर रख दिया.

हम बात कर रहे हैं स्टैंड-अप कॉमेडियन और डिजिटल क्रिएटर शेरॉन वर्मा की. खास बात ये है कि शेरॉन सीजन 1 में बतौर कंटेस्टेंट शो में पहुंची थीं, जबकि सीजन 2 में सीधे पैनलिस्ट यानी जज की कुर्सी पर नजर आईं. अपनी बेबाक बातों, देसी अंदाज और हाजिरजवाबी से उन्होंने न सिर्फ दर्शकों का ध्यान खींचा, बल्कि कई मौकों पर शो के होस्ट समय रैना को भी करारा जवाब दिया.

आखिर कौन हैं शेरॉन वर्मा और कैसे उन्होंने कॉर्पोरेट की नौकरी से स्टैंड-अप कॉमेडी और फिर ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के पैनल तक का सफर तय किया? आइए जानते हैं.

पटना से दिल्ली तक का सफर

शेरॉन वर्मा का जन्म और शुरुआती परवरिश पटना में हुई. करीब 16-17 साल की उम्र में वह 11वीं की पढ़ाई के लिए दिल्ली शिफ्ट हो गईं. नए शहर में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती भाषा और उनका बिहारी एक्सेंट था.

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बातचीत के दौरान बार-बार ‘ठीक है’ बोलने की उनकी आदत का लोग मजाक उड़ाते थे. दिल्ली के माहौल में खुद को ढालने के लिए उन्होंने बदलाव की कोशिश की, लेकिन अपनी बिहारी जड़ों को कभी पीछे नहीं छोड़ा.

बाद में यही ‘ठीक है’ वाला ऑब्जर्वेशन और भाषा का फर्क उनकी कॉमेडी की खास पहचान बन गया.

पहला ओपन माइक हुआ था फ्लॉप

कॉलेज में बच्चों को थिएटर सिखाने वाली शेरॉन ने साल 2019 में अपना पहला ओपन माइक किया था. पांच मिनट के इस सेट में सिर्फ दो लोग हंसे. हालांकि, उस छोटे से अनुभव ने उनके भीतर स्टैंड-अप कॉमेडी के लिए जुनून पैदा कर दिया.

इसके बाद कोविड और अपनी बेहद सेंसेटिव तबीयत के चलते वह करीब चार साल तक स्टेज से दूर रहीं.

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मुंबई के एक ओपन माइक के बाद जब एक शख्स ने उन्हें इंस्टाग्राम पर भद्दी गालियां दीं, तो वह बुरी तरह टूट गई थीं और रो पड़ी थीं. उस मुश्किल समय में उनकी मां ने उन्हें हिम्मत दी. उन्होंने शेरॉन से कहा कि अगर उन्हें यही करना है, तो दुनिया की परवाह किए बिना करना चाहिए.

इसके बाद शेरॉन ने एक बार फिर स्टेज पर वापसी की.

शेरॉन खुद को ‘वीक इंडिपेंडेंट वुमन’ मानती हैं, लेकिन वह अपनी मां को अपनी जिंदगी की ‘स्ट्रॉन्ग इंडिपेंडेंट वुमन’ मानती हैं.

‘पूरे बिहार में सिर्फ 3 लोग मेरा नाम सही बोलते हैं…’

शेरॉन वर्मा की कॉमेडी की सबसे बड़ी खासियत उनका देसी, जमीनी और ऑब्जर्वेशनल ह्यूमर है. वह अपनी जिंदगी, अपनी जड़ों, रिश्तों और नाम तक को कॉमेडी का हिस्सा बना लेती हैं.

अपने एक वायरल जोक में शेरॉन ने कहा था कि पूरे बिहार में सिर्फ तीन लोग उनका नाम सही तरीके से प्रोनाउंस कर पाते हैं—एक वह खुद और बाकी उनके मम्मी-पापा. बाकी लोग उन्हें ‘सेरॉन’, ‘सरन’ या किसी और नाम से बुलाते हैं.

उनका यही देसी अंदाज दर्शकों को उनसे जोड़ता है.

‘वीक इंडिपेंडेंट वुमन’ वाला जवाब हुआ वायरल

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के पहले सीजन में शेरॉन बतौर कंटेस्टेंट पहुंची थीं. फॉर्म में उन्होंने खुद को ‘वीक इंडिपेंडेंट वुमन’ बताया था.

जब समय रैना ने उनसे इस बारे में सवाल किया, तो शेरॉन ने अपने खास अंदाज में जवाब दिया कि वह एक मजबूत आत्मनिर्भर महिला बनने के काबिल नहीं हैं. उनके मुताबिक, पुश्तैनी दौलत नहीं थी, इसलिए मजबूरी में इंडिपेंडेंट बनना पड़ा. अब वह उस मुकाम पर हैं जहां कभी भी किसी पर डिपेंडेंट हो सकती हैं.

उनके इस जवाब ने समय रैना को भी प्रभावित किया और दर्शकों के बीच उनकी पहचान मजबूत हुई.

कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ कॉमेडी की दुनिया में आईं

स्टैंड-अप कॉमेडी में पहचान बनाने से पहले शेरॉन का कॉर्पोरेट करियर भी रहा है. वह मीडिया और विज्ञापन जगत में काम कर चुकी हैं.

उन्होंने डिज्नी+ हॉटस्टार और द रैबिट होल में बतौर सीनियर क्रिएटिव एग्जीक्यूटिव काम किया. इसके अलावा वह हैशटैग ऑरेंज और पुरुषों के ग्रूमिंग ब्रांड उस्तरा में सीनियर कॉपीराइटर की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं.

कॉर्पोरेट की 9-टू-5 नौकरी और राइटिंग के अनुभव ने उनकी कॉमेडी को धारदार और रिलेटेबल बनाने में अहम भूमिका निभाई.

सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ की क्लिप्स वायरल होने के बाद शेरॉन की सोशल मीडिया लोकप्रियता तेजी से बढ़ी. आज इंस्टाग्राम पर उनके 19 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

यूट्यूब पर उनके स्टैंड-अप वीडियोज ‘सेंसिटिविटी’ और ‘प्रेशर’ को भी लाखों व्यूज मिल चुके हैं.

मॉडर्न डेटिंग, कॉर्पोरेट ऑफिस का तनाव हो या फिर बिहार से निकलकर मेट्रो शहर में अपनी पहचान बनाने का संघर्ष—शेरॉन अपने अनुभवों को इस तरह पेश करती हैं कि युवा दर्शक उनसे आसानी से कनेक्ट कर लेते हैं.

‘फ्री फिलिस्तीन’ जोक को लेकर हुआ विवाद

शेरॉन वर्मा का सफर सिर्फ लोकप्रियता और तालियों तक सीमित नहीं रहा. वह विवादों में भी घिर चुकी हैं.

एक लाइव स्टैंड-अप शो के दौरान ‘फ्री फिलिस्तीन’ और अंतरराष्ट्रीय संकट को लेकर की गई उनकी टिप्पणी की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन एक्टिविज्म और सोशल मीडिया पर जंग लड़ने के तरीके पर तंज कसा था.

उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उन पर गंभीर मानवीय त्रासदी का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया. एक्स और इंस्टाग्राम पर उन्हें काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा.

हालांकि, विवाद के बावजूद शेरॉन ने अपने काम और स्टैंड-अप पर फोकस बनाए रखा.

कंटेस्टेंट से सीधे जज की कुर्सी तक

शेरॉन की कहानी का सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के सीजन 2 में वह कंटेस्टेंट से पैनलिस्ट बन गईं.

जिस मंच पर वह पहले एक कंटेस्टेंट बनकर पहुंची थीं, उसी शो में अगले सीजन में वह जज की कुर्सी पर बैठी नजर आईं.

शो के दौरान जब समय रैना ने उनके बिहारी बैकग्राउंड पर चुटकी लेने की कोशिश की, तो शेरॉन ने भी बिना झिझके जवाब दिया. समय ने बिहारियों को लेकर तंज कसा, जिस पर शेरॉन ने उनके कश्मीरी बैकग्राउंड को लेकर पलटवार किया.

उनकी हाजिरजवाबी ने दर्शकों का ध्यान खींचा और इस बातचीत की क्लिप भी चर्चा में आ गई.

एक कॉर्पोरेट कर्मचारी से वायरल शो की जज तक

शेरॉन वर्मा का सफर इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने एक सुरक्षित कॉर्पोरेट करियर से निकलकर स्टैंड-अप कॉमेडी को चुना. शुरुआती फ्लॉप ओपन माइक, सोशल मीडिया ट्रोलिंग और निजी संघर्षों के बावजूद उन्होंने अपनी पहचान और अपने बिहारी बैकग्राउंड को अपनी ताकत बनाया.

‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में कंटेस्टेंट से पैनलिस्ट तक का उनका सफर बताता है कि अपनी कहानी और पहचान को बेबाकी से पेश करने का हुनर किसी भी कलाकार को अलग पहचान दिला सकता है.