Knews Desk- झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच में शामिल हो गया है। ED ने CID की ओर से दर्ज FIR के आधार पर ECIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
वहीं, रांची में छात्रों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी छात्र आज झारखंड विधानसभा के घेराव के लिए मार्च करने की तैयारी में हैं। छात्र लगातार पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग कर रहे हैं। मामले में JPSC के तीन पूर्व सदस्यों को CID ने पूछताछ के लिए समन भेजा है। इनसे पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल-जवाब किया जाना है। समन जारी होने के बाद अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
लोक भवन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तीनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। तीनों की नियुक्ति सितंबर 2021 में हुई थी। CID के अनुसार, JMM नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी अजीता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ होनी है। वहीं जमाल अहमद को 12 अगस्त और अनिमा हांसदा को 14 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
JPSC अध्यक्ष भी दे चुके हैं इस्तीफा
इससे पहले JPSC के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने भी 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में उनसे भी कई दौर की पूछताछ हो चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक इस मामले में 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके अलावा पांच अन्य प्रदर्शनकारी भी भूख हड़ताल कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सोमवार को विधानसभा की ओर मार्च करने का ऐलान किया है। आंदोलनकारी 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
सरकार और छात्रों के बीच छठे दौर की बातचीत भी बेनतीजा
रविवार को सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत का छठा दौर हुआ, लेकिन इसमें भी कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका। सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि, CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बन पाई।
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बातचीत के बाद कहा कि सरकार ने 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने समेत कई मांगों को मान लिया है, लेकिन जब तक CBI जांच की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि छात्र तय कार्यक्रम के अनुसार 10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च करेंगे।
CBI जांच पर सरकार ने जताई असहमति
छात्रों से बातचीत करने वाले झारखंड के तकनीकी एवं उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों की अधिकांश मांगें स्वीकार की हैं। हालांकि, CBI जांच की मांग पर सरकार सहमत नहीं है।
मंत्री के मुताबिक, संबंधित परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आयोजित हुई थी। ऐसे में सरकार के लिए इस मामले को CBI को सौंपने का निर्णय लेना आसान नहीं है।
इस बीच ED के जांच में शामिल होने से JPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मामला और गंभीर हो गया है। अब छात्रों की नजर सरकार के अगले कदम और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर है।