Knews Desk- दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में अंडरग्रेजुएट (UG) एडमिशन 2026 का सबसे अहम चरण शुरू होने जा रहा है। 16 जुलाई को पहली सीट आवंटन सूची (First Allocation List) जारी होगी, जिसका इंतजार लाखों छात्र कर रहे हैं। इस सूची में जिन छात्रों का नाम आएगा, उनके लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि अगर पसंद का कोर्स या कॉलेज नहीं मिला तो क्या करना चाहिए। कई छात्र जल्दबाजी में गलत फैसला ले लेते हैं, जिससे बेहतर विकल्प पाने का मौका भी हाथ से निकल सकता है। इसलिए सीट एक्सेप्ट, फ्रीज और अपग्रेड की पूरी प्रक्रिया को समझना जरूरी है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी की पहली सीट आवंटन सूची 16 जुलाई शाम 5 बजे जारी होगी। यह आवंटन CUET UG 2026 के स्कोर और छात्रों द्वारा CSAS पोर्टल पर भरी गई कॉलेज व कोर्स की प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाएगा। जिन छात्रों को सीट मिलेगी, उन्हें 18 जुलाई तक अपनी सीट स्वीकार (Seat Accept) करनी होगी, जबकि निर्धारित समय सीमा के भीतर फीस जमा करने की अंतिम तारीख 21 जुलाई है।अगर किसी छात्र को पहली सूची में मनपसंद कॉलेज या कोर्स नहीं मिलता है, तब भी घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले उसे आवंटित सीट को स्वीकार करना होगा। यदि छात्र सीट स्वीकार नहीं करता है, तो वह पूरी एडमिशन प्रक्रिया से बाहर हो सकता है और अगले राउंड में भाग लेने का अवसर भी खो सकता है। इसलिए पहली सीट मिलने पर उसे स्वीकार करना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
सीट स्वीकार करने के बाद छात्रों के सामने दो विकल्प होते हैं—Seat Freeze और Seat Upgrade। यदि कोई छात्र आवंटित कॉलेज और कोर्स से पूरी तरह संतुष्ट है, तो वह सीट फ्रीज कर सकता है। सीट फ्रीज करने का मतलब है कि उसी कॉलेज और कोर्स में उसका दाखिला पक्का हो जाएगा और फिर उसका नाम अगले राउंड की काउंसलिंग में शामिल नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, यदि छात्र को लगता है कि अगले राउंड में उसे बेहतर कॉलेज या पसंदीदा कोर्स मिल सकता है, तो वह Seat Upgrade का विकल्प चुन सकता है। ऐसा करने पर छात्र की वर्तमान सीट सुरक्षित रहती है, लेकिन उसे दूसरे राउंड में उच्च प्राथमिकता वाले विकल्प मिलने का मौका भी मिलता है। यदि अगले राउंड में बेहतर विकल्प उपलब्ध होता है, तो नई सीट आवंटित कर दी जाती है। अगर बेहतर विकल्प नहीं मिलता, तो पहले से स्वीकार की गई सीट ही बरकरार रहती है।दिल्ली यूनिवर्सिटी ने दूसरे राउंड की सीट आवंटन सूची 25 जुलाई को जारी करने का कार्यक्रम तय किया है। इस सूची में चयनित छात्रों को 26 जुलाई तक सीट स्वीकार करनी होगी और 28 जुलाई तक फीस जमा करनी होगी। इसी दिन यानी 28 जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी।
एडमिशन विशेषज्ञ और पीजीडीएवी कॉलेज (सांध्य) के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर रवींद्र गुप्ता का कहना है कि छात्रों को कॉलेज के बजाय अपने पसंदीदा और भविष्य के लिए उपयोगी कोर्स को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका मानना है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकांश कॉलेजों में शिक्षा का स्तर अच्छा है, इसलिए यदि बेहतर कोर्स मिल रहा है तो केवल कॉलेज के नाम के कारण उसे छोड़ना सही फैसला नहीं होगा।ऐसे में पहली सूची आने के बाद जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने के बजाय छात्रों को सीट स्वीकार करने, फ्रीज और अपग्रेड के विकल्पों को अच्छी तरह समझकर फैसला लेना चाहिए। सही रणनीति अपनाकर वे अपनी पसंद के कोर्स और बेहतर कॉलेज में प्रवेश पाने की संभावना बढ़ा सकते हैं।