Knews Desk- झारखंड के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) रांची में छात्र आदित्य कुमार की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। संस्थान के हॉस्टल में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) प्रथम वर्ष के छात्र की मौत के बाद विद्यार्थियों में नाराजगी है। इस मामले को लेकर मंगलवार को लगातार तीसरे दिन छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने घटना का संज्ञान लेते हुए इसकी विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति घटना से जुड़ी परिस्थितियों और संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करेगी।शिक्षा मंत्रालय की ओर से गठित इस समिति की अध्यक्षता दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस की निदेशक प्रोफेसर रजनी अब्बी करेंगी। समिति में एक वरिष्ठ मनोचिकित्सक और शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कमेटी को घटना के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच करने और संस्थान में विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं का आकलन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समिति विशेष रूप से बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और उनके संचालन, संस्थागत सहायता प्रणालियों, परामर्श एवं मार्गदर्शन की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों की शिकायतों के निवारण तंत्र की समीक्षा करेगी। इसके अलावा, समिति यह भी पता लगाएगी कि संबंधित दिशानिर्देशों का सही तरीके से पालन किया जा रहा था या नहीं। जांच के दौरान व्यवस्था में पाई जाने वाली कमियों की पहचान की जाएगी और विद्यार्थियों के कल्याण को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए जाएंगे। साथ ही, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी उपायों की सिफारिश की जाएगी। जरूरत पड़ने पर समिति संबंधित पक्षों से बातचीत करेगी और उपलब्ध दस्तावेजों तथा अभिलेखों की जांच भी करेगी।आदित्य कुमार की मौत के बाद संस्थान के विद्यार्थियों का गुस्सा बढ़ गया है। प्रदर्शन कर रहे छात्र IIIT रांची के निदेशक को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि संस्थान में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में लापरवाही बरती जा रही है और शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। छात्र बैनर और पोस्टर के जरिए अपनी मांगें उठा रहे हैं। उनका कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और जरूरतों को लेकर संस्थान प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
इस पूरे मामले की शुरुआत शनिवार को हुई, जब सीएसई प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य कुमार को हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया। उसके साथियों के मुताबिक, आदित्य कमरे के अंदर था और जब उसके रूम पार्टनर ने दरवाजा खोलने के लिए कहा, तो कई प्रयासों के बाद दरवाजा खुला। इसके बाद आदित्य मृत अवस्था में मिला। मामले को कथित आत्महत्या के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि मौत की परिस्थितियों की विस्तृत जांच महत्वपूर्ण है।छात्रों ने आरोप लगाया है कि आदित्य को अस्पताल ले जाने की कोशिश के दौरान कैंपस में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। उन्होंने घटना के समय बिजली बाधित होने, हॉस्टल की लिफ्ट काम नहीं करने और आपातकालीन वाहन मिलने में देरी की भी शिकायत की है। अब शिक्षा मंत्रालय की ओर से गठित समिति की जांच से इन आरोपों और संस्थान की व्यवस्थाओं से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।