Knews Desk- राजस्थान के जयपुर स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में जर्जर सरकारी स्कूल भवन को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल को अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। अब स्कूल की कक्षाएं पुराने भवन से करीब 50 मीटर दूर एक ग्रामीण के मकान में संचालित की जा रही हैं।
शनिवार सुबह 16 से अधिक छात्र-छात्राएं नए स्थान पर पढ़ाई के लिए पहुंचे। इस दौरान स्कूल के दो शिक्षक भी मौजूद रहे और बच्चों की कक्षाएं संचालित की गईं।
दरअसल, गांव का सरकारी स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। भवन की हालत को लेकर ग्रामीण लगातार चिंता जता रहे थे। शुक्रवार को स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची CJP की टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद भी हुआ था। इसके बाद प्रशासन ने पुराने भवन में कक्षाएं चलाने के बजाय बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पढ़ाने का फैसला किया।
ग्रामीण ने पढ़ाई के लिए उपलब्ध कराया मकान
प्रशासन ने गांव में ही एक ग्रामीण के मकान को अस्थायी स्कूल के लिए चुना है। बताया जा रहा है कि मकान के एक कमरे में पहले किराने की दुकान चलती थी। फिलहाल इसी कमरे में बच्चों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
इस अस्थायी व्यवस्था का मकसद जर्जर भवन में बच्चों की सुरक्षा से समझौता किए बिना उनकी पढ़ाई जारी रखना है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि मकान में स्कूल चलाना स्थायी समाधान नहीं है।
नए स्कूल भवन की मांग
ग्रामीणों ने सरकार से जल्द से जल्द नए और सुरक्षित स्कूल भवन के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे स्थान पर भेजना आसान नहीं है। ऐसे में गांव में ही पर्याप्त कमरों और जरूरी सुविधाओं वाला मजबूत स्कूल भवन बनाया जाना चाहिए।
फिलहाल बच्चों की पढ़ाई ग्रामीण के मकान में शुरू हो गई है, लेकिन जर्जर स्कूल भवन की समस्या का स्थायी समाधान अभी नहीं हुआ है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और शिक्षा विभाग पर है कि नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया कब शुरू होती है।