Knews Desk- जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर जारी विवाद के बीच दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष सामने रखा है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन चलाने का न तो नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कोई आदेश दिया था और न ही मौके पर तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने इसका इस्तेमाल किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, किसी भी बड़े प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था की स्थिति से पहले सुरक्षा बलों के लिए तय प्रोटोकॉल अपनाया जाता है। संबंधित डीसीपी अधिकारियों को ब्रीफ करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर टियर गैस, लाठीचार्ज या अन्य भीड़ नियंत्रण उपायों के विकल्पों पर मंजूरी दी जाती है। हालांकि, इस मामले में पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ा कोई आदेश स्वीकृत नहीं किया गया था।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। पुलिस का आरोप है कि आयोजकों ने पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर्स की व्यवस्था नहीं की और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी इंतजाम भी नहीं किए। पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर करीब 1,000 लोगों की क्षमता है, जबकि प्रदर्शन में 5,000 से अधिक लोग पहुंच गए। भीड़ अधिक होने पर प्रदर्शनकारियों को रामलीला मैदान जाने की सलाह दी गई, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
पुलिस का कहना है कि हालात को संभालने के लिए अपने जवानों और स्वयंसेवकों को प्रदर्शनकारियों के बीच भेजना पड़ा, जो लगातार लोगों से शांति बनाए रखने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न करने की अपील करते रहे। पुलिस के मुताबिक, भीड़ नियंत्रण में आयोजकों की लापरवाही से स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई।
दरअसल, इससे पहले कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान RAF ने पैलेट गन से आठ राउंड फायर किए थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। पुलिस का कहना है कि उसके रिकॉर्ड में पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़ा कोई आदेश या कार्रवाई दर्ज नहीं है।
वहीं, इस पूरे मामले पर अब तक CRPF और RAF की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है और संसद में गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग कर रहा है। पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जबकि पुलिस अपने दावों पर कायम है कि प्रदर्शन के दौरान इस तरह के किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया गया।