CJP Protest Case: सुप्रीम कोर्ट का छात्रों को बड़ा तोहफा, देशभर की FIR पर रोक; 3 महीने में मुआवजे की नीति बनाने का आदेश

NEET Protest FIR: सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़े छात्रों को बड़ी राहत दी है. अदालत ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए आंदोलनों के सिलसिले में दर्ज मामलों की जांच पर रोक लगाने का निर्देश दिया है. साथ ही, परीक्षा के तनाव में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की नीति तैयार करने को कहा है.

Knews Desk- नीट परीक्षा को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के पक्ष में अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए प्रदर्शन से जुड़े मामलों में बड़ी राहत दी है. अदालत ने निर्देश दिया कि 20 से 25 जुलाई के बीच जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में हुए आंदोलनों को लेकर दर्ज FIR की जांच आगे नहीं बढ़ाई जाएगी.

चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और असम समेत कई राज्यों में छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों पर रोक लगाने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि यदि इसी अवधि के आंदोलन को लेकर किसी अन्य राज्य में भी FIR दर्ज है, तो उसकी जांच भी तत्काल बंद की जाए. साथ ही, इन प्रदर्शनों को लेकर छात्रों के खिलाफ नए मुकदमे दर्ज नहीं किए जाएंगे.

129 मामलों में कार्रवाई का रास्ता बंद

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद करीब 129 मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता बंद हो गया है. हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस उन 2,873 लोगों के खिलाफ प्रक्रिया जारी रख सकती है, जिनका पहले से गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. सामान्य प्रदर्शनकारी छात्रों को परेशान नहीं किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा के दबाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश दिया है. केंद्र सरकार को तीन महीने के भीतर मुआवजे से जुड़ी नीति तैयार करने को कहा गया है. इसके बाद तय प्रक्रिया के अनुसार प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने दोनों पक्षों से आपसी विश्वास और संवाद बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर भरोसा करें और खुले मन से बातचीत करें, तो समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है.

छात्रों ने 5 सितंबर का देशव्यापी मार्च टाला

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद छात्र संगठन ने अपना प्रस्तावित आंदोलन भी वापस लेने का फैसला किया है. CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि संगठन अदालत के आदेश का सम्मान करता है. इसी वजह से 5 सितंबर को प्रस्तावित देशव्यापी मार्च अब नहीं किया जाएगा. उन्होंने मामले में सहयोग के लिए सुप्रीम कोर्ट और वकीलों का आभार जताया.

CJP के नेतृत्व में छात्रों ने 20 जून को जंतर-मंतर से आंदोलन शुरू किया था. 20 जुलाई को संसद की ओर बढ़ने के दौरान दिल्ली में छात्रों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था.

छात्र तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. सरकार की ओर से मांगें स्वीकार किए जाने के बाद 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त कर दिया गया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *