KNEWS DESK – केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की ओर से बातचीत के प्रस्ताव के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि अब तक सरकार की ओर से उनसे कोई आधिकारिक संपर्क नहीं किया गया है। यदि सरकार वास्तव में बातचीत चाहती है तो उसे सीधे CJP से संपर्क करना चाहिए।
‘सरकार सीधे संपर्क करे’
सौरभ दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि बातचीत कहीं भी हो सकती है। इसी आधार पर CJP ने सुझाव दिया है कि वार्ता जंतर-मंतर या कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया जैसी किसी तटस्थ (न्यूट्रल) जगह पर आयोजित की जाए।
उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से न तो कोई औपचारिक संदेश मिला है और न ही बैठक का समय, स्थान या एजेंडा साझा किया गया है। ऐसे में पहले सीधे संपर्क कर बातचीत की रूपरेखा तय की जानी चाहिए।
‘मंत्रियों के घर या मंत्रालय में नहीं होगी बैठक’
CJP प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि पार्टी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास या किसी मंत्रालय में बातचीत के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि निष्पक्ष माहौल के लिए न्यूट्रल स्थान पर ही वार्ता होनी चाहिए, ताकि सभी पक्ष समान स्थिति में अपनी बात रख सकें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की घोषणा का जिक्र करते हुए सौरभ दास ने कहा कि केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके मुताबिक सरकार को पहले छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय लेना चाहिए और जवाबदेही तय करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि CJP की मांग केवल आश्वासनों की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई करने की है।
CJP ने दोहराईं अपनी चार प्रमुख मांगें
CJP ने एक बार फिर सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखीं। पार्टी का कहना है कि औपचारिक बैठकों में समय बिताने के बजाय सरकार को इन मांगों पर तत्काल फैसला लेना चाहिए।
पार्टी की प्रमुख मांगें:
भविष्य में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने की स्पष्ट और लिखित गारंटी दी जाए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा। आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जाएं।