गाजीपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कमलेश बिंद की मां ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. परिवार का आरोप है कि कमलेश को पुलिस ने पहले ही पकड़ लिया था और बाद में फर्जी एनकाउंटर दिखाया गया. पुलिस ने इन आरोपों से अलग मुठभेड़ की कहानी बताई है.
Knews Desk- गाजीपुर के चर्चित कमलेश बिंद एनकाउंटर का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. कमलेश की मां ने अदालत में याचिका दाखिल कर घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है. परिवार का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े होते हैं, जिनका जवाब जांच के जरिए सामने आना चाहिए.
पूरा घटनाक्रम 29 मई 2026 को गाजीपुर में हुई होटल कारोबारी आलोक राय के बेटे विनीत राय की हत्या से जुड़ा है. विनीत को होटल के बाहर गोली मार दी गई थी. पुलिस ने मामले की जांच के दौरान कई संदिग्धों के नाम सामने आने की बात कही थी, जिनमें कमलेश बिंद भी शामिल था.
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई थीं. एसटीएफ को भी उनकी तलाश में लगाया गया था. रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआत में आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
मुठभेड़ को लेकर पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक, कमलेश पर इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई थी. 3 जून की रात पुलिस को उसके ठिकाने की सूचना मिली. इसके बाद गाजीपुर के कुर्था इलाके में पवहारी बाबा आश्रम के पास पुलिस और एसओजी की टीम ने घेराबंदी की.
पुलिस का दावा है कि कमलेश को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उसने टीम पर गोली चला दी. जवाबी कार्रवाई में कमलेश घायल हो गया. बाद में उसकी मौत हो गई. इस दौरान पुलिस की SWAT टीम के प्रभारी के घायल होने की बात भी सामने आई थी.
परिवार ने पुलिस की कहानी पर उठाए सवाल
कमलेश के परिवार ने पुलिस के इस दावे को खारिज किया है. परिवार का आरोप है कि कमलेश को पुलिस ने पहले ही हिरासत में ले लिया था और बाद में उसे एनकाउंटर में मारे जाने की कहानी बनाई गई.
कमलेश की पत्नी ने भी घटना को लेकर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी. इसके बाद उसके भाई की ओर से भी हाईकोर्ट का रुख किया गया था. अब उसकी मां ने अदालत में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की है.
कमलेश बिंद की मौत के बाद इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई थी. यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए थे.
उन्होंने कहा था कि कमलेश मुख्य आरोपी नहीं था. साथ ही, परिवार की ओर से लगाए गए आरोप सही पाए जाने पर जांच की जरूरत बताई थी. उनका कहना था कि अपराध और सजा का फैसला अदालत को करना चाहिए.
हाईकोर्ट में अगले सप्ताह सुनवाई की उम्मीद
कमलेश की मां की याचिका में एनकाउंटर की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है. अब अदालत के सामने यह सवाल है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के संबंध में क्या निर्देश दिए जाते हैं.
फिलहाल इस याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की उम्मीद है. अदालत के आदेश के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी.