कोचिंग विवाद में खान सर की जमानत पर फैसला टला: पटना सिविल कोर्ट ने फैसला 13 जुलाई तक सुरक्षित रखा, पिछली सुनवाई में मांगी थी क्रिमिनल हिस्ट्री

Knews Desk- पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में आज फैजल खान और दोनों बॉडी गार्ड के केस पर फिर सुनवाई टल गई है। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 13 जुलाई तक फैसला सुरक्षित रख लिया है। खान के वकील अरविंद कुमार ने इसकी जानकारी दी।

इससे पहले कल कोर्ट की ओर से सुनवाई के दौरान फैजल खान उर्फ खान सर की क्रिमिनल हिस्ट्री की मांग की गई थी। इस दौरान बचाव पक्ष की ओर से कहा गया है कि पुलिस की ओर से केस फाइल फाइनल कर दिया गया था। इसीलिए इस केस का जिक्र नहीं किया गया था।

रौशन आनंद पक्ष की ओर से सत्या झा ने खान की जमानत का विरोध किया था। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि फैजल खान की ओर से क्रिमिनल हिस्ट्री छिपाई गई है। इसके बाद कोर्ट ने कल सुनवाई के बाद क्रिमिनल इंसीडेंस सबमिट करने के लिए कहा था।

दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियार वेरिफिकेशन में हुए खुलासे

बता दें कि पटना पुलिस की जांच में फैजल खान (खान सर) के दोनों बॉडीगार्ड्स के हथियारों के वेरिफिकेशन के दौरान अहम जानकारियां सामने आई थीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस हथियार से गोली चलवाई गई थी, वह तालेबर सिंह (34), निवासी कासगंज (उत्तर प्रदेश) का है, लेकिन उसके नाम पर जारी हथियार लाइसेंस का परमिट पूरे भारत के लिए मान्य नहीं पाया गया।

आरोप है कि उतर प्रदेश से बिहार में हथियार लेकर आने, हथियार लेकर सुरक्षा ड्यूटी करने के लिए तालेबर सिंह के पास वैध अनुमति नहीं थी। फिर भी वह बिहार में बॉडीगार्ड की नौकरी कर रहा था। पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियारों और उनके लाइसेंस की जांच के बाद कई बिंदुओं को अपडेटेड केस डायरी में शामिल किया है।

थाने को नहीं दी सूचना, वेरिफिकेशन भी नहीं कराया

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तालेबर सिंह गैर कानूनी तरीके से हथियार लेकर बिहार में बॉडीगार्ड की नौकरी कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि बिहार में हथियार के साथ नौकरी करने की जानकारी स्थानीय प्रशासन, आर्म्स मजिस्ट्रेट या संबंधित थाने को नहीं दी गई थी, जो कानूनन अपराध है।

बिना आवश्यक अनुमति के हथियार लेकर बिहार में काम करना कानून के दायरे में जांच का विषय है।

खान ने भी हथियार का वेरिफिकेशन नहीं कराया

खान सर ने तालेबर सिंह को बॉडी गार्ड के तौर पर हायर किया, उन्होंने भी कभी इसका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया। अपने साथ अवैध हथियार लेकर घूमते रहे फायरिंग भी करवा दी, जबकि उन्हें एक रिस्पॉन्सिबल व्यक्ति होने के चलते कानूनी प्रक्रिया को पूरी करनी चाहिए थी।

फायरिंग वाले वीडियो के बाद 4 जून को पुलिस ने खान सर के गार्ड प्रदीप कुमार और तालेश्वर सिंह को गिरफ्तार किया था।

दूसरे बॉडीगार्ड के हथियार पर भी जांच

इसी तरीके से दूसरे बॉडीगार्ड प्रदीप कुमार का हथियार मैनपुरी यूपी का है। इस हथियार के वेरिफिकेशन के दौरान पता चला है कि ऑल ओवर इंडिया परमिट तो है, लेकिन ये प्रदीप के पिता की हत्या के बाद सेल्फ डिफेंस के लिए प्रोवाइड किया गया था, जिसका गलत इस्तेमाल इसने सिक्योरिटी एजेंसी के साथ मिलकर निजी फायदे के लिए किया। यह आर्म्स लाइसेंस के मानकों के अनुरूप नहीं है। पुलिस ने इन तमाम बिंदुओं का जिक्र अपनी अपडेटेड केस डायरी में भी किया है।

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