फतेहपुर के दो टोल प्लाजा पर अतीक अहमद के बेटे अली अहमद के काफिले में शामिल वाहनों को लेकर विवाद सामने आया है। टोल कर्मियों ने बिना शुल्क दिए बैरियर पार करने, गाली-गलौज और तेज रफ्तार में वाहन चढ़ाने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। मामले में 10 वाहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
Knews Desk- माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद के काफिले को लेकर फतेहपुर में विवाद बढ़ गया है। अली अपने भाई अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल पर पुलिस सुरक्षा में झांसी से प्रयागराज जा रहा था। इसी दौरान फतेहपुर के दो अलग-अलग टोल प्लाजा पर काफिले में शामिल वाहनों को लेकर विवाद हुआ।
मामले में कल्याणपुर और खागा कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। टोल प्रबंधन का आरोप है कि काफिले में शामिल कई वाहनों ने टोल शुल्क नहीं दिया और बैरियर पार कर गए। टोल कर्मियों के रोकने और पैसे मांगने पर कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई।
दो टोल प्लाजा पर दर्ज हुआ मामला
बड़ौरी टोल प्लाजा के मैनेजर जितेंद्र सिंह की शिकायत पर कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं कटोघन टोल प्लाजा के सहायक मैनेजर सोनू सिंह की तहरीर पर खागा कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि टोल शुल्क मांगने पर काफिले में शामिल लोगों ने कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की। इतना ही नहीं, एक वाहन को तेज रफ्तार में टोल कर्मियों की ओर बढ़ाने का प्रयास किए जाने का भी आरोप है।
बताया जा रहा है कि अली अहमद अपने भाई अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए झांसी जेल से पैरोल पर बाहर आया था। पुलिस अभिरक्षा में उसे प्रयागराज ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसके साथ चल रहे समर्थकों के वाहनों को लेकर टोल प्लाजा पर विवाद हुआ।
CCTV फुटेज से खुलेगा पूरा मामला
पुलिस अब दोनों टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा काफिले में शामिल वाहनों के नंबरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के वक्त कौन-कौन से वाहन मौके पर मौजूद थे और उनमें कौन लोग सवार थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल टोल प्रबंधन की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। CCTV फुटेज और दूसरे साक्ष्यों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उमर के काफिले पर भी दर्ज हो चुकी है FIR
इससे पहले अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद के काफिले को लेकर भी प्रयागराज के नवाबगंज टोल प्लाजा पर विवाद हुआ था। आरोप था कि उमर के काफिले में शामिल करीब 25 से 30 निजी वाहनों ने बिना टोल शुल्क दिए बैरियर पार कर लिया। टोल प्लाजा प्रबंधन की शिकायत पर नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
अब अली अहमद के काफिले में शामिल वाहनों के खिलाफ फतेहपुर में हुई एफआईआर के बाद यह मामला भी चर्चा में है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टोल प्लाजा पर वास्तव में क्या हुआ था और आरोपों में कितनी सच्चाई है।