Knews Desk- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की 2020 और 2021 की परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच एजेंसी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD रहे और वर्तमान में बलरामपुर-रामानुजगंज के अतिरिक्त कलेक्टर चेतन बोर्घरिया को गिरफ्तार किया है. रायपुर की विशेष PMLA अदालत ने उन्हें 6 दिन की ED हिरासत में भेज दिया है.
ED ने चेतन बोर्घरिया को 11 सितंबर को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से एजेंसी को पूछताछ के लिए 6 दिन की रिमांड मिली. इससे पहले 1 सितंबर को ED ने उनके ठिकानों पर छापेमारी कर मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए थे.
ED की वित्तीय जांच के मुताबिक, चेतन बोर्घरिया के बैंक खाते में संबंधित अवधि के दौरान 170 अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये नकद जमा किए गए. जांच एजेंसी ने चेतन और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कई वित्तीय लेनदेन मिलने का भी दावा किया है.
उम्मीदवारों से 3 करोड़ रुपये से अधिक वसूली का आरोप
ED के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC 2021 परीक्षा में शामिल कुछ उम्मीदवारों से 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित अवैध रकम ली. आरोप है कि उम्मीदवारों को पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और प्रभाव का इस्तेमाल कर चयन कराने का भरोसा दिया गया था.
जांच में यह भी सामने आया कि इन लोगों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय तक अपनी पहुंच का दावा किया था. कथित सौदों में चेतन बोर्घरिया के नाम और पद का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है.
मोबाइल चैट से सामने आई लेनदेन की जानकारी
ED ने छापेमारी के दौरान जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच की. एजेंसी के मुताबिक, चेतन बोर्घरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई बातचीत में पैसों के लेनदेन और रकम वापस करने की मांग से संबंधित जानकारी मिली है.
जांच में Figurecave E-Com (OPC) Private Limited से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं. ED को आशंका है कि इस कंपनी का इस्तेमाल कथित तौर पर पैसों को इधर-उधर करने और उनकी परतें बनाने के लिए किया गया.
लीक प्रश्नपत्र से जुड़ी जांच जारी
ED के मुताबिक, कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए थे. आरोप है कि प्रारंभिक परीक्षा से पहले रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में उम्मीदवारों को इकट्ठा कर लीक प्रश्नपत्र बांटा गया. इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों को बारनवापारा अभयारण्य के एक रिसॉर्ट में ठहराया गया, जहां मुख्य परीक्षा के लीक प्रश्नपत्रों के आधार पर तैयारी कराई गई.
यह मामला पहले EOW/ACB, रायपुर की FIR से शुरू हुआ था. बाद में CBI ने जांच अपने हाथ में ली और तत्कालीन CGPSC चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की. मामले में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है.
ED ने PMLA की धारा 19 के तहत चेतन बोर्घरिया को गिरफ्तार किया है. एजेंसी का कहना है कि डिजिटल सबूत, बैंक खातों के लेनदेन और बयानों से उनकी कथित भूमिका सामने आई है. मामले में जांच अभी जारी है.