Knews Desk- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उन खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए केंद्रीय बैंक ने 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेच दिया है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि भारत के गोल्ड रिजर्व में कोई कमी नहीं की गई है और सोने का भौतिक भंडार पहले की तरह स्थिर बना हुआ है।
दरअसल, एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच भारत ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार की सुरक्षा के लिए सोने का कुछ हिस्सा बेच दिया है। रिपोर्ट में करीब 12 अरब डॉलर मूल्य का सोना बेचे जाने की बात कही गई थी। इस खबर के सामने आते ही वित्तीय जगत में चर्चाएं तेज हो गईं।
इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए आरबीआई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मीडिया में चल रही ऐसी खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। केंद्रीय बैंक ने बताया कि 3 जून 2026 तक भारत का भौतिक स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर स्थिर है और इसमें किसी तरह की कमी नहीं आई है। आरबीआई ने लोगों से अपील की कि वे ऐसे मामलों में केवल केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
इस मामले में प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने भी फैक्ट चेक जारी कर रिपोर्ट को फर्जी बताया है। PIB के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। सितंबर 2025 के अंत में यह 13.92 प्रतिशत थी, जो 31 मार्च 2026 तक बढ़कर 16.70 प्रतिशत हो गई। वहीं 22 मई 2026 तक यह आंकड़ा 16.85 प्रतिशत तक पहुंच गया।
आरबीआई ने यह भी दोहराया कि वह अपने मासिक बुलेटिन में गोल्ड रिजर्व से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक करता है और वर्तमान में देश का स्वर्ण भंडार पूरी तरह सुरक्षित और अपरिवर्तित है।