PM स्वनिधि योजना को मिला विस्तार, अब 2030 तक रेहड़ी-पटरी वालों को मिलेगा आसान लोन

KNEWS DESK- केंद्र सरकार ने छोटे कारोबारियों और स्ट्रीट वेंडर्स को राहत देते हुए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना को मार्च 2030 तक जारी रखने का फैसला किया है। यह योजना कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी, ठेला और फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करना था।

सरकार का मानना है कि योजना के विस्तार से लाखों छोटे व्यापारियों को अपना कारोबार बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

75 लाख से ज्यादा लोगों को मिला लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 75.5 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। योजना के तहत 112 लाख से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं और 17,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वितरित की जा चुकी है।

इसके अलावा लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी और डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ भी दिया गया है।

बिना गारंटी मिलता है लोन

PM स्वनिधि योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी भी प्रकार की गारंटी की जरूरत नहीं होती। योजना के तहत लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से ऋण दिया जाता है। पहली किश्त : 15,000 रुपये, दूसरी किश्त : 25,000 रुपये, तीसरी किश्त : 50,000 रुपये समय पर भुगतान करने वाले लाभार्थियों को 7 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी भी प्रदान की जाती है।

डिजिटल भुगतान को बढ़ावा

सरकार योजना के माध्यम से छोटे व्यापारियों को डिजिटल लेनदेन अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। QR कोड और UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करने वाले वेंडर्स को कैशबैक सुविधा दी जा रही है।

अब तक 55 लाख से अधिक वेंडर्स 841 करोड़ से ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन कर चुके हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 8.96 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।

महिलाओं और कमजोर वर्गों को विशेष लाभ

योजना का बड़ा हिस्सा महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक पहुंचा है। लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, जबकि करीब 70 प्रतिशत लोग वंचित और कमजोर वर्गों से आते हैं। सरकार की “स्वनिधि से समृद्धि” पहल के तहत लाखों परिवारों को अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा गया है।

आय बढ़ाने में मिली मदद

स्वतंत्र अध्ययनों के अनुसार योजना से लाभार्थियों की आय में औसतन 20 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि करीब 95 प्रतिशत लाभार्थियों ने पहली बार किसी औपचारिक बैंकिंग संस्था से ऋण प्राप्त किया, जिससे वित्तीय समावेशन को नई मजबूती मिली है।

छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि PM स्वनिधि योजना का विस्तार देश के करोड़ों छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर मजबूत होंगे, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी गति मिलेगी।

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