Knews Desk – कृति सेनन इन दिनों अपने रक्षाबंधन वाले विज्ञापन को लेकर विवादों में घिरी हुई हैं. ऐड में पहने उनके कपड़ों को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हुई. मामले पर कंगना रनौत और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया भी सामने आई. जहां कंगना ने कृति को लेकर सवाल उठाए, वहीं राहुल गांधी ने अभिनेत्री का समर्थन किया. विवाद बढ़ने के बाद ब्रांड ने विज्ञापन को अपने कई प्लेटफॉर्म से हटा दिया.
इसी बीच सिंगर सोनू निगम के नाम से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी. वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि सोनू निगम ने कृति सेनन के ऐड विवाद पर अपनी राय रखी है. पोस्ट में महिला के कपड़ों से ज्यादा कथित दोहरे रवैये और हिंदू त्योहारों पर लोगों की परंपराओं को प्रभावित करने वाले तरीकों पर सवाल उठाए गए थे.
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोनू निगम भी सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गए. हालांकि, अब सिंगर ने खुद सामने आकर इस पूरे मामले की सच्चाई बता दी है. सोनू निगम ने इंस्टाग्राम पर वायरल पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए स्पष्ट किया कि इसे उन्होंने पोस्ट नहीं किया है.
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सोनू निगम ने लिखा, “यह मैं नहीं हूं और मैं ऐसा कभी नहीं रहा हूं.” सिंगर ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस एक्स अकाउंट से यह पोस्ट शेयर की गई, वह उनका आधिकारिक अकाउंट नहीं है. उनके फैंस ने भी कमेंट्स में बताया कि इसी नाम से किसी अन्य व्यक्ति का अकाउंट मौजूद है.
सोनू निगम पहले भी यह साफ कर चुके हैं कि वह एक्स यानी ट्विटर पर मौजूद नहीं हैं. ऐसे में उनके नाम से किसी दूसरे अकाउंट से की गई पोस्ट को उनके बयान के तौर पर पेश किए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई है.
प्राजक्ता शुक्रे ने भी जताई नाराजगी
सोनू निगम की सफाई के बाद सिंगर प्राजक्ता शुक्रे ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सोनू निगम लंबे समय से स्पष्ट करते आए हैं कि वह ट्विटर या एक्स पर नहीं हैं. इसके बावजूद उनके नाम का इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति अपनी निजी राय शेयर कर रहा है.
प्राजक्ता ने कहा कि सवाल इस बात का नहीं है कि लोग वायरल पोस्ट में लिखी बातों से सहमत हैं या नहीं, बल्कि असली मुद्दा पहचान और जवाबदेही का है. उन्होंने मीडिया संस्थानों को भी सलाह दी कि किसी बड़े कलाकार के नाम से कोई बयान प्रकाशित करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर की जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर कोई कलाकार पहले ही किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी मौजूदगी से इनकार कर चुका है, तो उसके नाम से वायरल किसी पोस्ट को खबर बनाने से पहले तथ्य जांचना जरूरी है. प्राजक्ता के मुताबिक, पत्रकारिता की शुरुआत तथ्यों की पुष्टि से होती है.