फिल्मी बैकग्राउंड नहीं, जेब में सिर्फ 84 रुपये… ऐसे गौरव गेरा बने ‘धुरंधर’ के आलम

KNEWS DESK – आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ में मोहम्मद आलम के किरदार से सुर्खियां बटोर रहे अभिनेता गौरव गेरा इन दिनों अपनी सफलता का भरपूर आनंद ले रहे हैं। फिल्म में उनकी दमदार एक्टिंग और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से खूब सराहना मिली है। हालांकि इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा।

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में गौरव गेरा ने अपने संघर्ष के दिनों, करियर की शुरुआत और आर्थिक परेशानियों को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब उनके बैंक खाते में केवल 84 रुपये बचे थे और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों का पीछा करना नहीं छोड़ा।

गौरव ने बताया कि उनका फिल्म इंडस्ट्री से कोई पारिवारिक संबंध नहीं रहा। वह एक सामान्य परिवार से आते हैं और उनके परिवार का कोई भी सदस्य फिल्मों से जुड़ा नहीं था। उन्होंने कहा कि स्कूल में आर्ट्स विषय होने के कारण उन्होंने फैशन अकादमी में दाखिला लिया, लेकिन जल्द ही उन्हें एहसास हो गया कि यह उनका रास्ता नहीं है। इसके बाद उन्होंने कुछ समय नौकरी की और फिर थिएटर का रुख किया।

अभिनेता ने बताया कि उनके पिता IIT-BHU से इंजीनियर हैं और उनके भाई भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, लेकिन परिवार ने कभी उन पर किसी खास करियर को चुनने का दबाव नहीं डाला। गौरव ने इसके लिए अपने परिवार का आभार जताया।

अपने आर्थिक संघर्ष को याद करते हुए गौरव ने कहा, “मेरे खाते में सिर्फ 84 रुपये थे। मैं HDFC बैंक के सामने से गुजरते हुए मजाक में बैंक को प्रणाम करता था और कहता था कि मेरा ख्याल रखना। उस दौर में पिताजी कभी-कभी 2000 रुपये भेजते थे और चिट्ठी में लिखते थे कि इससे ज्यादा नहीं भेज सकता।”

उन्होंने आगे कहा कि पैसों की कमी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अगर ऑटो के पैसे नहीं होते थे तो वह पैदल चलकर अपने काम पर पहुंचते थे। गौरव का कहना है कि वह हमेशा आत्मनिर्भर बनना चाहते थे और लेने से ज्यादा देने में विश्वास रखते हैं।

आज ‘धुरंधर’ की सफलता के साथ गौरव गेरा की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को सच करने की कोशिश कर रहे हैं।

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