KNEWS DESK – टीवी के पॉपुलर शो ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ से घर-घर में पहचान बनाने वाले अभिनेता राजेश कुमार ने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ से लेकर ‘सैयारा’ तक का सफर तय करने वाले राजेश कुमार ने बताया कि एक समय उन्होंने अपने करियर के पीक पर एक्टिंग छोड़कर खेती करने का फैसला किया था। लेकिन उनका यह फैसला आर्थिक तौर पर काफी मुश्किल साबित हुआ और धीरे-धीरे हालात इतने खराब हो गए कि उनके पास क्रेडिट कार्ड का बिल भरने तक के पैसे नहीं बचे।
एक्टर ने बताया कि आर्थिक तंगी के उस दौर में उन्हें कई तरह के अपमान का भी सामना करना पड़ा। यहां तक कि क्रेडिट कार्ड की रकम वसूलने वाले एजेंट उन्हें फोन करके गालियां तक देते थे।
करियर के पीक पर छोड़ दी थी एक्टिंग
राजेश कुमार ने अपने मुश्किल दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने करीब 42 साल की उम्र में एक्टिंग से ब्रेक लेने का फैसला किया था। उस समय कई लोग इसे उनके करियर का पीक मानते थे।
एक्टर ने ग्लैमर की दुनिया से दूर होकर खेती शुरू की, लेकिन चीजें उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं चलीं। राजेश के मुताबिक, इस कोशिश में उन्होंने काफी कुछ गंवा दिया और उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
उन्होंने बताया कि करीब पांच साल का यह समय उनके लिए बेहद मुश्किल रहा, लेकिन इसी दौर ने उन्हें जिंदगी को नए नजरिए से देखना भी सिखाया।
क्रेडिट कार्ड एजेंट फोन पर देता था गालियां
राजेश कुमार ने अपने आर्थिक संघर्ष का जिक्र करते हुए बताया कि एक समय हालात इतने खराब हो गए थे कि वह क्रेडिट कार्ड का भुगतान तक नहीं कर पा रहे थे।
उनके मुताबिक, रिकवरी एजेंट चौकीदार के केबिन में फोन करके उनसे पैसों की मांग करते और गालियां देते थे। बिल चुकाने के लिए पैसे नहीं होने की वजह से उन्हें इस तरह के व्यवहार का सामना करना पड़ता था।
राजेश के लिए यह दौर सिर्फ आर्थिक परेशानी का नहीं बल्कि उनके आत्मसम्मान और धैर्य की परीक्षा भी था।
पैसों की कमी में बेचनी पड़ी कार
आर्थिक हालात बिगड़ने के बाद राजेश कुमार को अपनी कार तक बेचनी पड़ी। उनके पास एक दूसरी गाड़ी भी थी, जिसे उन्होंने आखिरकार नासिक में अपने साथ काम करने वाले किसानों को दे दिया।
एक्टर के मुताबिक उस समय उनके पास किसानों का भुगतान करने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं थे। ऐसे में उन्होंने अपनी गाड़ी उन्हें सौंप दी।
राजेश ने बताया कि उन्होंने इस दौरान काफी कुछ खोया और कई मुश्किल हालात देखे। इसके बावजूद उन्होंने खुद को नकारात्मक विचारों में डूबने नहीं दिया।
2022 में एक्टिंग की दुनिया में की वापसी
लंबे ब्रेक के बाद राजेश कुमार ने साल 2022 में दोबारा एक्टिंग की दुनिया में वापसी की। उनका मानना है कि आर्थिक संघर्ष के उन पांच सालों ने उन्हें पूरी तरह बदल दिया।
राजेश ने बताया कि इस दौरान वह पहले से ज्यादा जमीन से जुड़े और लोगों के दर्द को बेहतर तरीके से समझने लगे। जब किसी इंसान के पास कुछ नहीं बचता और उसे अपमान का सामना करना पड़ता है, उस स्थिति को उन्होंने खुद बेहद करीब से महसूस किया।
मुश्किल वक्त ने बनाया बेहतर कलाकार
राजेश कुमार अपने संघर्ष के इस दौर को सिर्फ बुरा अनुभव नहीं मानते। उनका कहना है कि इन्हीं अनुभवों ने उन्हें एक बेहतर इंसान के साथ बेहतर कलाकार भी बनाया।
उनके मुताबिक, जब उन्हें अलग-अलग तरह के किरदार मिलने लगे तो वह उन किरदारों की भावनाओं को पहले से बेहतर समझने लगे। जिंदगी में जिन अलग-अलग परिस्थितियों से वह गुजरे, उनकी झलक उन्हें अपने किरदारों में भी दिखाई देने लगी।
एक्टर का मानना है कि इंसान के अनुभव ही उसके व्यक्तित्व को आकार देते हैं और मुश्किल समय में ही उसका असली चरित्र सामने आता है।
‘सैयारा’ में निभाया डॉक्टर का किरदार
वर्कफ्रंट की बात करें तो राजेश कुमार ‘सैयारा’ में डॉक्टर राजेश बत्रा के किरदार में नजर आए हैं। लंबे संघर्ष के बाद उनकी एक्टिंग जर्नी एक बार फिर तेजी से आगे बढ़ रही है।
अब वह फिल्म ‘ओह माय डॉग’ में भी नजर आने वाले हैं, जो 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में इंसान और कुत्तों के बीच के खास रिश्ते को दिखाया गया है। इसके साथ ही फिल्म डॉग ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मुद्दे को भी उठाती है।
एक्टिंग से ब्रेक, खेती में नुकसान, आर्थिक तंगी और फिर पर्दे पर वापसी… राजेश कुमार का यह सफर बताता है कि उनके लिए पिछले कुछ साल आसान नहीं रहे। लेकिन अभिनेता का मानना है कि इन्हीं मुश्किल अनुभवों ने उन्हें आज पहले से ज्यादा मजबूत और बेहतर कलाकार बनाया है।