बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन हो गया है। क्राइम, अंडरवर्ल्ड और एक्शन थ्रिलर फिल्मों को अपने खास अंदाज में पर्दे पर उतारने वाले निर्देशक के अचानक चले जाने से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई स्थित उनके घर के बाथरूम में पैर फिसलने से उनके सिर पर गंभीर चोट आई थी। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की पुष्टि करते हुए श्रद्धांजलि दी।
Knews Desk – संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म ‘आतिश: द फायर’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘हमेशा’, ‘राम शास्त्र’, ‘जंग’ और ‘खौफ’ जैसी फिल्मों में काम किया। हालांकि, साल 2002 में रिलीज हुई मल्टीस्टारर फिल्म ‘कांटे’ से उन्हें बड़ी पहचान मिली। इसके बाद ‘प्लान’, ‘मुसाफिर’ और ‘जिंदा’ जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी अलग पहचान कायम रखी।
साल 2007 में संजय गुप्ता ने ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ को प्रोड्यूस किया। इस फिल्म ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में व्यापक पहचान दिलाई। इसके अलावा वह ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों से भी जुड़े रहे। साल 2024 में रिलीज हुई ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ को उनके करियर की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है।
क्राइम और अंडरवर्ल्ड की कहानियों पर थी मजबूत पकड़
संजय गुप्ता की फिल्मों में मुंबई अंडरवर्ल्ड, अपराध और एक्शन की कहानियां प्रमुखता से दिखाई देती थीं। उन्होंने इन विषयों को अपने अलग अंदाज और प्रभावशाली विजुअल प्रस्तुति के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया। उनकी फिल्मों में अपराध की दुनिया के साथ भावनात्मक पहलुओं को भी जगह मिलती थी।
उन्होंने हॉलीवुड की कुछ चर्चित क्राइम फिल्मों की कहानियों को भारतीय दर्शकों के अनुरूप पर्दे पर पेश करने का काम भी किया। इसी खास शैली ने उन्हें हिंदी सिनेमा में अलग पहचान दिलाई।
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के जरिए संजय गुप्ता के निधन की जानकारी साझा की और उन्हें श्रद्धांजलि दी। अभिनेता और फिल्म समीक्षक कमाल आर. खान (KRK) ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्हें याद किया। संजय गुप्ता के निधन से उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों में दुख है।