‘अब क्या बचा है बोलने के लिए’… गाजियाबाद कोर्ट में पेशी के दौरान बोले आजम खान

रामपुर जेल से रिहा होते ही ईडी की हिरासत में लिए गए समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को रविवार को गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब बोलने के लिए क्या बचा है।

Knews Desk – समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को रविवार, 1 नवंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम गाजियाबाद स्थित विशेष प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट लेकर पहुंची। यहां अविनाश पांडे के कोर्ट नंबर 1 में उनकी पेशी हुई। इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह आज कुछ बोलेंगे, तो उन्होंने कहा, “क्या बोलें, अब क्या बचा है बोलने के लिए।”

आजम खान को शनिवार को रामपुर जेल से रिहा होते ही ईडी ने हिरासत में ले लिया था। इसके बाद रविवार को ईडी की टीम उन्हें गाजियाबाद स्थित कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट जाते समय आजम खान काफी मायूस नजर आए। उनके चेहरे पर निराशा और बेबसी साफ दिखाई दे रही थी।

जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है मामला

शनिवार को आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ जेल से बाहर निकले थे। इसी दौरान ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के गबन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है। साल 2019 में जौहर ट्रस्ट के खिलाफ शिकायत के आधार पर ईडी ने केस दर्ज किया था। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और ट्रस्ट के पदाधिकारियों तथा आजम खान के करीबियों से पूछताछ की गई।

494 करोड़ रुपये के हिसाब-किताब की जांच

13 अक्टूबर को ईडी की टीम ने रामपुर जिला जेल में आजम खान से पूछताछ की थी। जांच के दौरान कथित तौर पर 494 करोड़ रुपये का हिसाब-किताब नहीं मिलने की बात सामने आई। इसके बाद आजम खान और उनके जौहर ट्रस्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार एवं मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला दर्ज कराया गया। शनिवार को जेल से रिहा होते ही ईडी ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए जाने के दौरान आजम खान भावुक और आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान और जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार तथा जांच एजेंसियों पर निशाना साधा।

‘कानून का अस्तित्व खत्म हो गया है’

पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम खान ने कहा, “कहने को क्या बचा है? मैं क्या कह सकता हूं? कानून का अस्तित्व खत्म हो गया है। यह मुस्लिम होने की सजा है? हमारी गलती यह थी कि एक यूनिवर्सिटी एक मुस्लिम द्वारा बनाया गया था। यह हमारा अपराध है। हमने बच्चों के लिए स्कूल बनाए। क्या यह हमारा अपराध है?”

बता दें कि डबल पैन कार्ड मामले में बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर जिला जेल से रिहाई मिलने के कुछ ही मिनटों बाद लखनऊ से आई ईडी की टीम ने आजम खान से पूछताछ की और उन्हें मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट तथा जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी अलग मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हिरासत में ले लिया। वहीं, अब्दुल्ला आजम को छोड़ दिया गया।

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