KNEWS DESK- तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए कथित हमले के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तपन माइती और आकाश नामक व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनकी पहचान घटना से जुड़े वीडियो फुटेज के आधार पर की गई है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यह घटना दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर क्षेत्र में हुई, जहां अभिषेक बनर्जी चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान उनके काफिले के आसपास बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने इस घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को उचित चिकित्सा सुविधा मिलने में भी बाधा पहुंचाने की कोशिश की गई।
ममता बनर्जी ने कहा कि अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया ताकि अभिषेक को भर्ती न किया जाए। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और घटना में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है। घटना के बाद अभिषेक बनर्जी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, जांच में किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट में केवल सीने पर हल्की चोट का उल्लेख किया गया है।
डॉक्टरों ने बताया कि जांच के दौरान उनकी स्थिति सामान्य थी। वह पूरी तरह होश में थे, बातचीत कर रहे थे और किसी गंभीर चिकित्सकीय जटिलता के संकेत नहीं मिले।
चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं समझी। एहतियात के तौर पर उन्हें आवश्यक दवाएं और तरल पदार्थ दिए गए तथा कुछ समय निगरानी में रखा गया। डॉक्टरों के अनुसार, स्वास्थ्य स्थिति स्थिर पाए जाने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर टीएमसी इसे राजनीतिक हमले के रूप में पेश कर रही है, जबकि भाजपा आरोपों को निराधार बता रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।