KNEWS DESK- अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर संसद परिसर में विपक्ष द्वारा किए गए सांकेतिक प्रदर्शन पर सियासत तेज हो गई है। इस प्रदर्शन में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर साधु के वेश में नजर आए, जबकि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी नेता भी इसमें शामिल हुए। अब भारतीय जनता पार्टी के नेता शहजाद पूनावाला ने इस प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।
शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि किसी कथित वित्तीय अनियमितता के मुद्दे को उठाने के नाम पर पूरे हिंदू समाज और संत परंपरा को बदनाम करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले की जांच या विरोध करना है तो वह अलग बात है, लेकिन साधु-संतों को चोर के रूप में प्रस्तुत करना हिंदू आस्था का अपमान है।
‘साधु को चोर के रूप में दिखाना गलत’
अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में पूनावाला ने कहा कि राम मंदिर में कथित चोरी का मुद्दा उठाया जा सकता है, लेकिन यह पूछना जरूरी है कि क्या इस मामले में आरोपी कोई साधु या भगवाधारी था? उन्होंने सवाल किया कि फिर प्रदर्शन में चोरी करने वाले व्यक्ति के रूप में साधु का पात्र क्यों दिखाया गया। उनके मुताबिक, इससे पूरे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
राहुल गांधी से पूछा बड़ा सवाल
बीजेपी नेता ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने पूछा कि क्या विपक्ष वक्फ, मस्जिद या चर्च ट्रस्टों में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में भी मौलवी या पादरी का वेश धारण कर इसी तरह का प्रदर्शन करेगा। पूनावाला ने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो यह दोहरे मापदंड को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की प्राथमिकता आस्था नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति है।
क्या था विपक्ष का प्रदर्शन?
शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर प्रतीकात्मक नुक्कड़ नाटक किया। इस दौरान पप्पू यादव साधु के वेश में दानपात्र के पास बैठे दिखाई दिए। अन्य सांसद श्रद्धालुओं की भूमिका निभाते हुए दानपात्र में पैसे डालते रहे, जबकि नाटक के दौरान पप्पू यादव उन पैसों को जेब में रखते हुए दिखे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कुछ समय के लिए इस सांकेतिक प्रदर्शन में शामिल हुए और उन्होंने भी दानपात्र में पैसे डालकर विरोध दर्ज कराया।
शहजाद पूनावाला फिर चर्चा में
इस पूरे विवाद के बीच शहजाद पूनावाला एक अन्य वजह से भी चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में बदलाव करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता का उल्लेख हटा दिया। इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें शुरू हो गईं। हालांकि, बीजेपी या स्वयं शहजाद पूनावाला की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।