KNEWS DESK- दिल्ली-NCR में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली, जहां सुबह से ही आसमान में काले बादल छा गए और तेज धूल भरी आंधी ने लोगों को गर्मी से जूझने के बीच परेशान कर दिया। कुछ ही देर बाद मौसम पूरी तरह बदल गया और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बदरपुर, तुगलकाबाद और फरीदाबाद समेत कई इलाकों में तेज बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की गई और लोगों को गर्मी से अस्थायी राहत मिली।
धूल भरी आंधी के चलते कई जगहों पर विजिबिलिटी प्रभावित हुई, जिससे सड़क यातायात भी कुछ समय के लिए धीमा पड़ गया। हालांकि बारिश की फुहारों ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों ने कुछ देर के लिए गर्मी से राहत की सांस ली। कई इलाकों में लोग बारिश का आनंद लेते नजर आए, जबकि लंबे समय से गर्म हवाओं से परेशान लोग इस बदलाव से राहत महसूस कर रहे थे।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया था। हालांकि बारिश और बादलों की वजह से कुछ इलाकों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है और 28 मई तक गर्म हवाओं का असर जारी रहने की संभावना है।
शुक्रवार को भी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी देखी गई थी। सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। इससे साफ है कि गर्मी का असर अभी पूरी तरह कम नहीं हुआ है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल जो बारिश और धूल भरी आंधी देखने को मिली है, वह केवल अस्थायी राहत है। मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के अनुसार, राजस्थान और थार मरुस्थल से आने वाली गर्म और शुष्क हवाओं के कारण तापमान तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन अब हवा की दिशा में बदलाव होने से कुछ राहत मिली है।
उन्होंने बताया कि पंजाब-हरियाणा क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई है। हालांकि आने वाले दिनों में तापमान फिर से बढ़ सकता है और पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि हवा का रुख अगर दोबारा थार मरुस्थल की ओर हुआ तो लू की स्थिति फिर से गंभीर हो सकती है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लोगों को गर्मी और बदलते मौसम के इस दोहरे असर के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।