KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल दौरे के दौरान विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। करीब 550 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी सरकारें थीं, जिनकी प्राथमिकताओं में गरीब, किसान, दलित, पिछड़े, महिलाओं और युवाओं का विकास शामिल नहीं था। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पूर्ववर्ती सरकार के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय सरकार का पूरा ध्यान जनता की समस्याओं के बजाय दूसरी गतिविधियों पर रहता था।
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि पहले सरकार के मुखिया दोपहर तक सोकर उठते थे, फिर तैयार होने में समय बीत जाता था। शाम को जिम जाने और उसके बाद महफिल सजाने का सिलसिला चलता था। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में आम जनता की समस्याओं पर ध्यान देने का समय ही नहीं बचता था। योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद शासन की प्राथमिकताओं को पूरी तरह बदल दिया और विकास तथा कानून-व्यवस्था को केंद्र में रखा।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में दंगे आम बात थे। उनका आरोप था कि उस समय दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जाता था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में बड़े दंगे नहीं हुए और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि अब अपराधियों को पता है कि कानून तोड़ने पर उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। संगठित अपराध और माफिया के खिलाफ चलाए गए अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरा किया और माफिया के नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत होने से विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है, उद्योग स्थापित हो रहे हैं और लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित माहौल किसी भी राज्य के विकास की सबसे बड़ी शर्त होता है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक विरासत और भारतीय परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नया भारत औपनिवेशिक मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगा और देश में रहने वाले हर नागरिक को भारत की संस्कृति, परंपराओं और आस्था का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और पंथ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग देश की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के साथ छेड़छाड़ करेंगे, उन्हें कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार प्रदेश के प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि संभल क्षेत्र में 24 कोसी परिक्रमा से जुड़े विकास कार्यों के लिए धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है और इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की एक नई बटालियन और एकीकृत सिटी मुख्यालय की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा जिले की सड़क संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिनमें गंगा एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी भी शामिल है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के शासनकाल में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला और गरीबों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया है। उनका दावा था कि लाभार्थियों को योजनाओं का फायदा किसी राजनीतिक आधार पर नहीं, बल्कि पात्रता के आधार पर मिला है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य विकास, सुशासन और सुरक्षा के साथ उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर आधारभूत ढांचा और पारदर्शी शासन के बल पर प्रदेश विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ता रहेगा।