KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। लगातार बढ़ते तापमान और खतरनाक हीटवेव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने 21 से 23 मई तक सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
मेरठ में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है और बुधवार को यह 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। दोपहर के समय लू के थपेड़ों के कारण सड़कें और बाजार लगभग खाली नजर आए।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी यही स्थिति देखने को मिली, जहां गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, 25 मई से नौतपा शुरू होने के साथ ही गर्मी और बढ़ने की संभावना है। हालांकि 29 मई के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल हालात बेहद कठिन बने हुए हैं।
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, साफ आसमान और पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है।
जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश के अनुसार प्री-प्राइमरी से कक्षा 10 तक के सभी बोर्डों के स्कूल 21 से 23 मई तक बंद रहेंगे। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को अत्यधिक गर्मी में घर से बाहर न निकलने दें और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाएं। साथ ही लू से बचाव के लिए सावधानियों का पालन करने को कहा गया है।
सहारनपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और बिजनौर जैसे जिलों में भी तापमान 41 से 44 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। सहारनपुर में तो पिछले 12 वर्षों का गर्मी का रिकॉर्ड भी टूट गया है।