Knews Desk- उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2026) का आयोजन 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में किया जाएगा। इस बार राज्य सरकार ट्रेड शो को सिर्फ एक प्रदर्शनी तक सीमित न रखकर एक बड़े ग्लोबल सोर्सिंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश के उत्पादों, उद्योगों और निवेश अवसरों को वैश्विक बाजार से जोड़ना है।

तैयारियों को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने लोक भवन में तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में इन्वेस्ट यूपी, कृषि विपणन, विदेश व्यापार और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने आयोजन को अधिक प्रभावी और अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने पर चर्चा की।
डेयरी, मत्स्य और खाद्य प्रसंस्करण होंगे आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष ट्रेड शो में डेयरी, उद्योग, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों से जुड़े नवाचार आधारित व्यावसायिक मॉडल प्रमुख आकर्षण रहेंगे। सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में निवेश और व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देना है। साथ ही विभिन्न विभाग अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को आधुनिक और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करेंगे।
सरकार की योजनाओं का होगा व्यापक प्रदर्शन
ट्रेड शो का प्रमुख फोकस प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को आम जनता तथा अंतरराष्ट्रीय निवेशकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना होगा। प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निर्यात संभावनाओं और निवेश अनुकूल वातावरण को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
छोटे उद्योगों और निजी क्षेत्र को मिलेगा मंच
आयोजन में निजी क्षेत्र और छोटे कॉरपोरेट्स की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया है। स्टॉल शुल्क 7,500 से 8,000 रुपये के बीच निर्धारित किया गया है। दो तरफ खुले स्टॉल पर 10 प्रतिशत और तीन या चार तरफ खुले स्टॉल पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।
युवाओं और स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा
युवा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए “सीएम युवा” पवेलियन को और मजबूत किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को नए स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित करना और उन्हें व्यापारिक अवसरों से जोड़ना है। विशेष रूप से एनसीआर और गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र के युवाओं को नवाचार आधारित व्यवसायों की ओर आकर्षित करने की योजना बनाई गई है।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि यूपीआईटीएस-2026 प्रदेश की आर्थिक प्रगति, निर्यात क्षमता और वैश्विक निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।