डिजिटल डेस्क- भारत वैश्विक कूटनीति और प्रवासियों के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह 4 से 8 मई 2026 तक अमेरिका के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित होने वाले दूसरे इंटरनेशनल माइग्रेशन रिव्यू फोरम (IMRF) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करना है। इंटरनेशनल माइग्रेशन रिव्यू फोरम (IMRF) संयुक्त राष्ट्र महासभा के तत्वावधान में आयोजित होने वाला एक प्रमुख अंतर-सरकारी मंच है। यह मंच ‘ग्लोबल कॉम्पैक्ट फॉर सेफ, ऑर्डर्ड एंड रेगुलर माइग्रेशन’ (GCM) के क्रियान्वयन की समीक्षा करता है। इस चार दिवसीय आयोजन में दुनिया भर के प्रतिनिधि राउंड टेबल चर्चाओं, नीतिगत बहसों और प्लेनरी सत्रों के माध्यम से प्रवासन (Migration) से जुड़ी चुनौतियों और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के साथ इसके अंतर्संबंधों पर मंथन करेंगे।
भारत का ‘e-Migrate’ मॉडल बनेगा मिसाल
इस बार भारत केवल एक प्रतिभागी के रूप में ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। भारत की ओर से एक विशेष ‘साइड इवेंट’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसका विषय “प्रवासन शासन में डिजिटल नवाचार: भारत का ई-माइग्रेट अनुभव” (Leveraging Digital Innovation in Migration Governance: The e-Migrate Experience of India) रखा गया है। इस सत्र के जरिए भारत दुनिया को दिखाएगा कि कैसे तकनीक और डिजिटल नवाचार के जरिए प्रवासी कामगारों के पंजीकरण, सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा को सुव्यवस्थित किया जा सकता है। भारत का ‘e-Migrate’ पोर्टल आज वैश्विक स्तर पर एक पारदर्शी माइग्रेशन मॉडल के रूप में उभरा है, जिसकी चर्चा संयुक्त राष्ट्र के मंच पर होगी।
द्विपक्षीय मुलाकातें और कूटनीतिक सक्रियता
कीर्तिवर्धन सिंह फोरम के प्लेनरी सत्र में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य (National Statement) प्रस्तुत करेंगे, जिसमें भारत की ओर से प्रवासियों की सुरक्षा और उनके योगदान पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, वह संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न सदस्य देशों के मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी करेंगे। इन मुलाकातों में द्विपक्षीय सहयोग, जलवायु परिवर्तन और प्रवासियों के कल्याण जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
प्रवासियों के हितों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता
गौरतलब है कि 2022 में आयोजित पहले IMRF में भी भारत ने अत्यंत सक्रिय भूमिका निभाई थी। भारत दुनिया में सबसे बड़े प्रवासी समुदाय (Diaspora) वाला देश है, इसलिए वैश्विक प्रवासन नीतियों को आकार देने में भारत का इनपुट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। कीर्तिवर्धन सिंह की यह यात्रा न केवल भारत के डिजिटल सुधारों को प्रदर्शित करेगी, बल्कि विदेशों में रह रहे लाखों भारतीयों के हितों को सुरक्षित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराएगी।